
हनुमानगढ़। राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के तत्वावधान में बीकानेर संभाग स्तरीय शारीरिक शिक्षा स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन 21 मार्च 2026 को वीएम पब्लिक स्कूल, हनुमानगढ़ टाउन में किया गया। कार्यक्रम में संभाग भर से आए लगभग 200 शारीरिक शिक्षा अध्यापकों ने भाग लेते हुए संगठन की मजबूती और विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रमोद डेलू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं व्यापार मंडल हनुमानगढ़ के अध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण, राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष श्रवण बिश्नोई एवं कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती भावना चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके साथ ही राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री नवदीप शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामलाल जाखड़, प्रदेश संयुक्त मंत्री मंजीत चौधरी, सदस्य हरप्रीत सिंह, पुरुषोत्तम मिड्ढा तथा पूर्व जिलाध्यक्ष जनक सिंह पहलवान भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम बेनीवाल ने की।
राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के प्रदेश संरक्षक आत्माराम बेनीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ की प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा शिक्षा मंत्री के नाम मांग पत्र तैयार कर मुख्य अतिथि जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू के माध्यम से प्रेषित किया गया। इस मांग पत्र में शारीरिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम में राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय नारायण न्यौल, पूर्व जिला अध्यक्ष जनक सिंह, जिला कोषाध्यक्ष हंसराज शर्मा, सदस्य दर्शन सिंह बराड़, जिला महिला मंत्री कृष्णा स्वामी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश झोरड़ सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगठन के समक्ष आ रही समस्याओं और उनके समाधान को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
अध्यक्षता कर रहे राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम बेनीवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में संगठन की एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि “एकता में बल है और यदि सभी शिक्षक संगठित होकर अपनी आवाज उठाएंगे तो उनकी मांगें अवश्य पूरी होंगी।” उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन को मजबूत बनाने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से अधिकारों की प्राप्ति के लिए निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के बीच आपसी संवाद, समन्वय और संगठनात्मक मजबूती पर विशेष जोर दिया गया। स्नेह मिलन के माध्यम से शिक्षकों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा किए और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की। कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।
