
हनुमानगढ़। ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर शहर के जंक्शन स्थित कब्रिस्तान मस्जिद में मुस्लिम समुदाय द्वारा बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ ईद की नमाज अदा की गई। इस अवसर पर शाही इमाम मौलना आजम अली अशरफी के नेतृत्व में नमाज अदा कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लिया और देश में अमन, शांति व खुशहाली की दुआ मांगी।
सुबह से ही मस्जिद परिसर में रौनक देखने को मिली। नमाज से पूर्व लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया। नमाज के बाद शाही इमाम मौलना आजम अली अशरफी ने अपने तकरीर में ईद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व त्याग, संयम और इंसानियत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने के बाद आने वाली ईद हमें सिखाती है कि हमें जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखना चाहिए।
इस मौके पर विधायक गणेशराज बंसल, सभापति सुमित रणवां, पार्षद अब्दुल हाफिज, मुस्लिम समाज सुधार समिति के जिलाध्यक्ष सद्दाम हुसैन, नायक समाज के प्रदेशाध्यक्ष नारायण नायक सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी और आपसी सौहार्द का परिचय दिया।
विधायक गणेशराज बंसल ने कहा कि ईद का त्योहार हमें एकता, भाईचारे और प्रेम का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ की पहचान हमेशा से आपसी सद्भाव और मिलजुलकर रहने की रही है, जिसे हमें बनाए रखना है। सभापति सुमित रणवां ने भी सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हुए शहर में शांति और विकास की कामना की।
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भी सभी अतिथियों का स्वागत किया और ईद के इस पर्व को मिलजुलकर मनाने पर खुशी जाहिर की। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने मिठाइयां बांटी और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
