
हनुमानगढ़। धाणका समाज की महापंचायत रविवार को जंक्शन स्थित रविदास मंदिर में आयोजित की गई, जिसमें श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ दोनों जिलों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। महापंचायत की अध्यक्षता नंद किशोर बागड़ी (नई दिल्ली) ने की। बैठक में पिछले 224 दिनों से जिला कलेक्ट्रेट पर जारी धरने और जाति प्रमाण-पत्र जारी नहीं होने के मुद्दे पर व्यापक चर्चा की गई। उक्त बैठक में सांसद कुलदीप इंदोरा ने शिरकत की। उन्होने सर्मथन दिया।
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि अनुसूचित जनजाति श्रेणी के अंतर्गत आने वाले धाणका समाज के जाति प्रमाण-पत्र लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे समाज के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं में दिक्कतें आ रही हैं, वहीं युवाओं को सरकारी नौकरियों में आवेदन करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके बावजूद प्रशासन और सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे समाज में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत आगामी दिनों मे सूरतगढ़ उपखंड अधिकारी का घेराव किया जाएगा और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा जाएगा। इसके अलावा यदि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो अप्रैल मे श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ दोनों जिलों की सभी कृषि मंडियों को बंद करने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
महापंचायत में मौजूद समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन अब केवल मांगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के सम्मान और अधिकारों का सवाल बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार ज्ञापन देने और जनप्रतिनिधियों से मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे समाज को मजबूरन कठोर कदम उठाने पड़ रहे हैं।
अध्यक्ष नंद किशोर बागड़ी ने कहा कि धाणका समाज अब अपने अधिकारों के लिए एकजुट हो चुका है और जब तक जाति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सभी समाजबंधुओं से एकजुट रहकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
महापंचायत के अंत में सरकार से मांग की गई कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
