
हनुमानगढ़। आगामी 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस को जिले में मजदूर अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले भर के मजदूर बड़ी संख्या में जिला कलेक्टरेट पर एकत्रित होंगे, जहां वे अपने अधिकारों को लेकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। मजदूर संगठनों ने इस दिन को संघर्ष और एकजुटता का प्रतीक बताते हुए व्यापक भागीदारी का आह्वान किया है।
इस संबंध में आयोजित बैठक में सीटू के जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह कामरेड रामेश्वर वर्मा जिला महासचिव शेर सिंह शाक्य ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में श्रमिक वर्ग के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर वे अपने हक की लड़ाई जीत सकते हैं।
बैठक में प्रमुख मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मजदूर नेताओं ने कहा कि 8 घंटे कार्य का कानूनी अधिकार सख्ती से लागू किया जाए और इसके बाद काम कराने पर दोगुना ओवरटाइम दिया जाए। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन ₹30,000 प्रति माह से कम नहीं होना चाहिए, ताकि मजदूर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लाए गए चार नए लेबर कोड मजदूर विरोधी हैं और ये श्रमिकों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित करते हैं। उन्होंने इन्हें “गुलामी के दस्तावेज” बताते हुए तुरंत रद्द करने की मांग की। साथ ही, मजदूरों के लंबे संघर्ष से हासिल किए गए 44 श्रम कानूनों को बहाल करने और उन्हें सख्ती से लागू करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मई दिवस के दिन मजदूर कलेक्टरेट परिसर में सभा आयोजित करेंगे, जिसमें अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की जाएगी। इसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
