
हनुमानगढ़ ।राजस्थान क्राइम फाइल्स पार्ट-1 में आपने पढ़ा हनुमानगढ़ के एक गांव में बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या का 4 साल पुराना केस। दुष्कर्म और हत्या के इस मामले को अंजाम देने वाला कौन था, ये अब तक साफ नहीं था। बुजुर्ग महिला के साथ इस सनसनीखेज वारदात से पूरा गांव हैरान था। हालांकि महिला के देवर ने पुलिस को क्लू दिया था, लेकिन कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं था। इस लिहाज से पुलिस हर एंगल से मामले की जांच तेज कर देती है।
जमीन पर संघर्ष के निशान मौका-ए-वारदात को देखकर पुलिस को ये समझ आ गया था कि महिला की हत्या से पहले काफी संघर्ष हुआ है। पुलिस मौके से तमाम सबूत जुटाती है। इसमें जमीन पर संघर्ष के निशान से लेकर महिला के हाथों में बालों का गुच्छा मिलता है।
महिला के हाथ की उंगलियों के बीच बाल मिले सबसे पहले बुजुर्ग महिला के देवर द्वारा बताए गए 19 साल के शख्स को हिरासत में लिया जाता है। उससे पुलिस पूछताछ शुरू करती है। वो शख्स पूरे मामले से अनभिज्ञता जताता है। हवाला देता है कि पुरानी रंजिश के कारण उसे फंसाया जा रहा है। मामला पेचीदा होने और कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं होने के कारण सारा केस परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर टिक जाता है
जब पुलिस ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया, तो उन्हें एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। महिला (मृतक) के बाएं हाथ की उंगलियों के बीच कुछ काले बाल फंसे हुए थे। ऐसा लग रहा था जैसे मरते समय उन्होंने पूरी ताकत से कातिल के बाल पकड़े हों। उन बालों को डीएनए जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट से साफ हो गया कि बाल 19 साल के आरोपी के ही थे।
कमरे में हत्यारे के पैरों के निशान घटनास्थल एक कच्चा कमरा था। वहां की मिट्टी पर किसी के पैरों के निशान उभरे हुए थे। पुलिस ने उन निशानों के सांचे बनाए। वो निशान भी आरोपी के पैरों से मैच हो गए। इसके बाद पुलिस ने महेन्द्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। हनुमानगढ कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई।
