
हनुमानगढ़ । जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार रात एक बार फिर ओलावृष्टि हुई। रात करीब 10 बजे बारिश शुरू हुई, जिसके साथ कई इलाकों में ओले गिरे। इससे पहले मंगलवार सुबह से ही घने बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
रावतसर क्षेत्र के टोपरियां, चाईयां, भोमपुरा, नेहरांवाली ढाणी और नोहर क्षेत्र के भगवान गांवों में ओलावृष्टि से खड़ी फसलें प्रभावित हुईं। हनुमानगढ़ क्षेत्र के झांबर, नौरंगदेसर और टिब्बी के मिर्जेवाली मेर जैसे गांवों से भी ओले गिरने की खबरें हैं।
5 दिन में दूसरी बार गिरे ओले यह लगातार दूसरी बार है जब जिले में ओलावृष्टि हुई है। पांच दिन पहले भी ऐसा ही मौसम देखा गया था। इस समय जिले में गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है और कई स्थानों पर कटाई का काम जारी है। बारिश और ओलों के कारण खड़ी फसलें गिर गईं, वहीं कटी हुई फसलें भीगने से उनकी गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि गेहूं की चमक कम होने से उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने में कठिनाई होगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने और तेज हवा से नुकसान बढ़ने की आशंका है। हालांकि, राहत की खबर यह है कि खरीद एजेंसियां खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की खरीद में कुछ नरमी बरत सकती हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है, ताकि किसानों को राहत प्रदान की जा सके।
आज भी बारिश की संभावना बुधवार सुबह हल्की धूप निकली, लेकिन मौसम विभाग ने आज भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अप्रैल से मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा और 10 अप्रैल के बाद तापमान में वृद्धि होगी।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फसल खराबे की सूचना 72 घंटे के भीतर फसल बीमा हेल्पलाइन 14447 पर दें, ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके। इसके अतिरिक्त, लिखित आवेदन कृषि विभाग कार्यालय या संबंधित बैंक में भी जमा कराया जा सकता है।
