
IPL में 19वें सीजन के 18 मैच खत्म हो चुके हैं। भारत को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले 15 प्लेयर्स अलग-अलग टीमों में खेल रहे हैं। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन ने शनिवार को ही शतक लगा दिया। उनके साथी अभिषेक शर्मा ने भी 74 रन की पारी खेली।
हालांकि, वर्ल्ड कप के 2 टॉप विकेट टेकर वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह IPL में विकेट के लिए तरस जा रहे हैं। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल का प्रदर्शन भी बहुत फीका चल रहा है। वर्ल्ड कप में खराब स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव भी अब तक प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं।
IPL के 18 मैचों में 10 टीमों से 22 प्लेयर्स ने ओपनिंग की। वर्ल्ड कप खेलने वाले अभिषेक शर्मा सनराइजर्स हैदराबाद और संजू सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स से खेल रहे हैं। टूर्नामेंट में अभिषेक 5वें और सैमसन तीसरे बेस्ट स्कोरर हैं। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल टॉप-2 पोजिशन पर हैं।
- अभिषेक शुरुआती 3 मैचों में 55 रन ही बना सके। हालांकि, शनिवार को पंजाब के खिलाफ उन्होंने 28 गेंद पर ही 74 रन बना दिए। उन्होंने 8 छक्के और 5 चौके लगाए। वे 129 रन बनाकर टूर्नामेंट के पांचवें बेस्ट ओपनर हैं।
संजू भी शुरुआती 3 मैचों में फ्लॉप रहे, उनके बैट से तो 22 रन ही निकले। शनिवार को दिल्ली के खिलाफ उन्होंने 56 गेंद पर 115 रन की नॉटआउट पारी खेल दी। उन्होंने 15 चौके और 4 छक्के लगाए। वे 137 रन बनाकर टूर्नामेंट के तीसरे बेस्ट ओपनर हैं।
IPL में 3 से 5 नंबर तक 39 प्लेयर्स बैटिंग कर चुके हैं। इनमें 11 ने 100 से ज्यादा रन बनाए, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन टीम का एक ही भारतीय इसमें शामिल हैं। नंबर-3 पर बैटिंग करने वाले ईशान ने एक फिफ्टी लगाकर 120 से ज्यादा रन बनाए हैं। वर्ल्ड कप में उनका साथ देने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा कुछ खास नहीं कर सके।
- ईशान फिलहाल SRH की कप्तानी कर रहे हैं, उन्होंने अपने पहले ही मैच में 80 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया था। इसके बाद 3 मैचों में वे 42 रन ही बना सके। मिडिल ऑर्डर बैटर्स में वे 9वें नंबर पर हैं।
सूर्यकुमार टूर्नामेंट एक भी फिफ्टी नहीं लगा सके हैं, उनके नाम 73 रन ही हैं। हालांकि, उनका स्ट्राइक रेट जरूर 155 प्लस है, जो उनके वर्ल्ड कप स्ट्राइक रेट से 19 ज्यादा है। वे रन बनाने के मामले में 15वें नंबर पर हैं।
तिलक का प्रदर्शन मिडिल ऑर्डर बैटर्स में सबसे खराब है। वे 130.76 के स्ट्राइक रेट से 34 रन ही बना सके। वे एक बार खाता नहीं खोल सके और 6 ही चौके लगा पाए हैं। उनके बैट से एक भी छक्का नहीं आया। वे टॉप-20 प्लेयर्स से भी बाहर हैं। SRH के हेनरिक क्लासन पहले और RR के ध्रुव जुरेल दूसरे नंबर पर हैं।
ऑलराउंडर्स कमाल नहीं दिखा सके
दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल और मुंबई के कप्तान हार्दिक पंड्या भी IPL में अपनी छाप नहीं छोड़ पाए हैं। वहीं वर्ल्ड कप में 2 ही मैच खेलने वाले वॉशिंगटन सुंदर बैट से रन बना रहे हैं।
- अक्षर 4 मैचों में 2 ही रन बना सके। उन्होंने बॉलिंग में जरूर 8 से कम की इकोनॉमी रखी और 3 विकेट भी झटक लिए। विकेट लेने वाले स्पिनर्स में वे 9वें नंबर पर हैं।
हार्दिक तो बैट और बॉल दोनों डिपार्टमेंट में फ्लॉप रहे। उनका स्ट्राइक रेट जरूर 160 के करीब है, लेकिन रन 30 भी नहीं बना सके। गेंदबाजी में 1 ही विकेट ले सके, जिसके लिए उन्होंने 11 से ज्यादा की इकोनॉमी से रन खर्च कर दिए। दोनों डिपार्टमेंट में वे टॉप-30 प्लेयर्स से भी नीचे हैं।
सुंदर के नाम बॉलिंग में एक ही विकेट हैं, लेकिन गुजरात के लिए बैटिंग में वे मिडिल ऑर्डर बैटर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस पोजिशन पर एक फिफ्टी के सहारे वे 77 रन बना चुके हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी 154 का है। मिडिल ऑर्डर बैटर्स में वे 14वें नंबर पर हैं।
एक ही फिनिशर रन बना पा रहा
शिवम दुबे और रिंकू सिंह ने वर्ल्ड कप में फिनिशर की भूमिका निभाई थी। IPL में 49 प्लेयर्स ने 6 से 8 नंबर पर बैटिंग की है। इनमें 12 प्लेयर्स ने 30 प्लस रन बनाए। इनमें 250 प्लस का स्ट्राइक रेट अकेले सरफराज खान का रहा। उनके बाद SRH के अनिकेत वर्मा ने 195 प्लस के स्ट्राइक रेट से रन बनाए।
- दुबे ने 164.81 के स्ट्राइक रेट से 89 रन बनाए। स्ट्राइक रेट के मामले में वे तीसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 4 छक्के और 9 चौके लगाए। सिक्स लगाने में दुबे चौथे और चौके लगाने में पहले नंबर पर हैं।
रिंकू ने 4 मैचों में 72 रन जरूर बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 135 का ही रहा। ज्यादातर मौकों पर उन्होंने मिडिल ऑर्डर में बैटिंग की, इसके बावजूद वे कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। वे एक ही सिक्स लगा सके। स्ट्राइक रेट के मामले में रिंकू 12 प्लेयर्स में 8वें नंबर पर हैं।
विकेट को तरस गए स्पिनर वरुण
टी-20 वर्ल्ड कप में 14 विकेट लेने वाले वरुण चक्रवर्ती विकेट को तरस गए हैं। टूर्नामेंट के 30 स्पिनर्स में वे आखिरी नंबर पर हैं। दूसरी ओर एक ही वर्ल्ड कप मैच खेलने वाले कुलदीप विकेट लेने वाले स्पिनर्स में 8वें नंबर पर चल रहे हैं। IPL में राजस्थान के रवि बिश्नोई नंबर-1 और SRH के हर्ष दुबे दूसरे नंबर पर हैं।
- वरुण ने 4 में से 2 मैच खेले और 6 ओवर में 13 प्लस की इकोनॉमी से 79 रन खर्च कर दिए। वे अपने कोटे के 8 ओवर भी नहीं फेंक सके। दूसरे मुकाबले के बाद वे इंजर्ड हो गए और बाकी 2 मैच नहीं खेल सके।
कुलदीप ने भी 4 मैच खेले, लेकिन 3 विकेट ही ले सके। उनकी इकोनॉमी भी 10 के करीब पहुंच गई। कुलदीप ने 3 में से 2 विकेट एक ही मैच में लिए, यानी 2 मुकाबलों में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
बुमराह को भी विकेट नहीं मिल रहे
वर्ल्ड कप में वरुण के बराबर 14 विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह भी IPL में विकेट को तरस गए हैं। उनके बाद दूसरे टॉप विकेट टेकर रहे अर्शदीप सिंह को 4 में से 3 मुकाबलों में विकेट नहीं मिला। मोहम्मद सिराज भी कुछ खास नहीं कर पाए। IPL में 50 पेसर्स ने बॉलिंग की, चेन्नई के अंशुल कम्बोज 8 और गुजरात के प्रसिद्ध कृष्णा 6 विकेट के साथ टॉप-2 पर हैं।
बुमराह ने 3 मैच खेले, लेकिन एक भी विकेट नहीं लिया। हालांकि, उनकी इकोनॉमी जरूर 8 की रही। जो 4 से ज्यादा ओवर फेंकने वाले पेसर्स में तीसरी बेस्ट है। हालांकि, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जरूर उनके खिलाफ 2 सिक्स लगा दिए थे।
अर्शदीप 4 मैचों में 2 विकेट ही ले सके, उनके दोनों विकेट एक ही मुकाबले में आए। यानी बाकी 3 मैचों में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। उनकी इकोनॉमी भी 10.50 से ज्यादा रही। विकेट टेकर्स में वे टॉप-25 से भी बाहर हैं।
सिराज ने वर्ल्ड कप में एक ही मैच खेला, लेकिन 3 विकेट झटक लिए थे। IPL में उन्होंने 3 मुकाबले खेल लिए, लेकिन 2 ही विकेट मिले। उनकी इकोनॉमी 11.5 रही। विकेट लेने वाले पेसर्स में वे टॉप-30 से बाहर हैं।
