
हनुमानगढ़। जिले के टिब्बी थाना क्षेत्र में बैंक कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि कर्मचारियों ने एक बीमार खाताधारक के साथ संगठित तरीके से 60 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की। रताखेड़ा निवासी सुखविंदर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता सुखविंदर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में उनकी मुलाकात वीरेनदीप नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने खुद को एचडीएफसी बैंक टिब्बी का कर्मचारी बताया। वीरेनदीप ने विश्वास में लेकर सुखविंदर और उनके परिवार के कई बैंक खाते खुलवाए और एक केसीसी खाता भी बनवाया। इसके बाद उसने पीड़ित को बैंक से जुड़े अन्य कर्मचारियों से मिलवाया और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया।
पीड़ित को हुआ ब्रेन हेमरेज पीड़ित के अनुसार, उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साजिश रची। उन्होंने पीड़ित के एटीएम कार्ड और चेकबुक अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद फर्जी हस्ताक्षर कर खातों से रकम निकाली और विभिन्न अज्ञात व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर कर दी।
पति-पत्नी के खाते से निकाले लाखों रुपए परिवादी ने बताया कि उनके और परिजनों के खातों से लाखों रुपये कई अज्ञात व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर किए गए, जिन्हें वह जानते तक नहीं हैं। एक व्यक्ति और उसकी पत्नी के खाते में करीब 8 लाख रुपए, जबकि कई अन्य खातों में 54-55 लाख रुपए स्थानांतरित किए गए। इसके अलावा नकद निकासी भी की गई। सुखविंदर सिंह का आरोप है कि बैंक से किसी भी प्रकार का एसएमएस अलर्ट उनके मोबाइल पर नहीं आने दिया गया।
6 नामजद समेत कई लोगों पर केस इस मामले में वीरेनदीप, रोहिताश, अजय बिश्नोई, सुनील जांगिड, इंदर कुमार शर्मा और सुभ्रता महादानी सहित कई लोगों को नामजद किया गया है। ये सभी बैंक में विभिन्न पदों पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह एक संगठित गिरोह द्वारा की गई धोखाधड़ी का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन डिटेल और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी।
