
श्रीगंगानगर। राजस्थान बार काउंसिल के 23 पदों के लिए चल रहे चुनाव में आज रायसिंहनगर क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया के दौरान गंभीर विवाद छिड़ गया। चुनाव अधिकारियों द्वारा मतदाता-अधिवक्ताओ से मतपत्र पर हस्ताक्षर करवाने पर हंगामा हो गया, जिसके चलते मतदान तुरंत रोक दिया गया। मतदान केंद्र को उपखंड अधिकारी द्वारा सील कर दिया गया और मतपत्र भी सील कर दिए गए। अब इस केंद्र पर दोबारा मतदान करवाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्थान बार काउंसिल चुनाव में कुल 234 उम्मीदवार 23 पदों के लिए मैदान में हैं। आज सुबह 8 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। रायसिंहनगर के बार संघ कार्यालय में बने मतदान केंद्र पर अधिवक्ताओं को मतपत्र पर अपने हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए गए। अधिवक्ताओं ने तुरंत इसका विरोध किया और कहा कि मतपत्र पर हस्ताक्षर करने से उनका वोट निरस्त माना जाएगा। अधिवक्ताओं का कहना था कि मतपत्र पर मतदाता को अपनी पसंद के उम्मीदवार को वरीयताक्रम में रखते हुए सिर्फ टिक का निशान लगाना होता है।
आरोप है कि रायसिंहनगर के लिए नियुक्त चुनाव अधिकारी सुशील गोदारा तथा उमेशकांत सोनी ने अधिवक्ताओं पर दबाव बनाया। उनका कहना था कि अगर हस्ताक्षर नहीं किए गए तो मतपत्र ही नहीं दिया जाएगा। चुनाव अधिकारियों का दावा था कि उन्हें ऊपरी स्तर से निर्देश मिले हैं कि मतदाता का हस्ताक्षर अनिवार्य है। कुछ अधिवक्ताओं ने इस निर्देश को मानते हुए सुबह 8 बजे से लेकर 11 बजे तक लगभग 35-40 वोट ही डाल दिए।
जैसे ही अन्य अधिवक्ताओं को इस बात की जानकारी मिली, उन्होंने भारी हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी गलत तरीके से काम कर रहे हैं और हस्ताक्षर वाले मतपत्रों को मतगणना के समय निरस्त कर दिया जाएगा। इस विवाद ने पूरे मतदान केंद्र को हिलाकर रख दिया।
रायसिंहनगर के उपखंड अधिकारी अवकाश पर होने के कारण श्रीबिजयनगर की उपखंड अधिकारी शकुंतला को स्थिति की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया था। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लिया और चुनाव प्रक्रिया के दिशा-निर्देशों का अध्ययन किया। शकुंतला ने भी मतपत्र पर हस्ताक्षर करवाए जाने को पूरी तरह गलत माना।
इस बीच अधिवक्ता अशोक धायल, मोहनलाल बाना, रणवीर बिश्नोई, मानक सुथार, अनिल बिश्नोई, अनिल कड़वासरा, शिवनारायण बोला समेत कई अन्य अधिवक्ताओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के मुख्य चुनाव अधिकारी सचिन आचार्य को शिकायत भेजी। इसके अलावा रायसिंहनगर बार संघ के कई अन्य सदस्यों ने अलग से प्रार्थना पत्र मुख्य चुनाव अधिकारी को प्रेषित किया। इसकी प्रतियां जिला कलेक्टर,जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीगंगानगर, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसिंहनगर और एसडीएम रायसिंहनगर को भी भेजी गईं।
न्यायिक अधिकारियों के दखल के बाद दोपहर 11 बजे मतदान केंद्र को सील कर दिया गया। मतपत्र भी सील कर दिए गए। रायसिंहनगर प्रशासन ने इसकी सूचना तुरंत मुख्य चुनाव अधिकारी सचिन आचार्य को दे दी।
रायसिंहनगर बार संघ में लगभग 250 अधिवक्ता मतदान करने वाले थे, लेकिन चुनाव अधिकारियों की नासमझी या कहीं ना कहीं जानबूझकर की गई इस गलती के कारण पूरी मतदान प्रक्रिया दूषित हो गई। अब मुख्य चुनाव अधिकारी के निर्देश पर कुछ दिनों बाद इस केंद्र पर दोबारा मतदान करवाया जा सकता है।इस घटना राजस्थान बार काउंसिल चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर दिया । अधिवक्ता इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और दोबारा मतदान कराने की मांग कर रहा है ताकि किसी भी अधिवक्ता का वोट व्यर्थ न जाए।
