श्रीगंगानगर। रेबीज जैसे लक्षणों से युवक की मौत हो गई। 10 दिन पहले उसके पालतू कुत्ते ने भी दम तोड़ दिया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।
पीएमओ ने कहा- युवक में रेबीज जैसे लक्षण थे, युवक हवा-पानी से डरने लगा था। युवक अस्पताल में पागलों जैसी हरकतें और असामान्य व्यवहार करने लगा।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए हैं। बेड और स्ट्रेचर को भी बाहर निकालकर रखा गया है।
अस्पताल में इमरजेंसी रूम को हाइपो से साफ करवाया गया। बेड और स्ट्रेचर को भी बाहर निकालकर रखा गया।
जानकारी के अनुसार, श्रीगंगानगर के रहने वाले युवक ने घर में कुत्ता पाला हुआ था। 10 दिन पहले कुत्ते की मौत हो गई थी। कुत्ते के संपर्क में आने से युवक को भी रेबीज होने की आशंका है।
युवक की बुधवार को तबीयत बिगड़ने लगी। उसमें रेबीज के लक्षण नजर आने लगे। वह पागलों जैसी हरकतों के साथ असामान्य व्यवहार करने लगा। परिजन उसे श्रीगंगानगर के सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
आक्रामक स्टेज में इलाज संभव नहीं अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचते ही मरीज की हालत और बिगड़ गई। डॉक्टरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ सहित आधा दर्जन डॉक्टरों ने मरीज को देखा, लेकिन आक्रामक स्टेज में इलाज संभव नहीं हो पाया। इमरजेंसी रूम में ही युवक की मौत हो गई।
वहीं बेड और स्ट्रेचर को भी सैनिटाइज किया गया है।
पीएमओ बोले- हवा पानी से डरने लगा था पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ ने बताया- परिजनों ने बताया कि युवक हवा-पानी से डरने लगा था और आक्रामक भी हो गया था। मरीज के साथ आए परिजनों को तुरंत रेबीज बचाव इंजेक्शन लगाए गए हैं।
इमरजेंसी रूम को हाइपो से साफ करवाया गया है। बैड और स्ट्रेचर को बाहर निकालकर सैनिटाइज किया गया। युवक का शव जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। कल शव का पोस्टमाॅर्टम किया जाएगा।
