
हनुमानगढ़ । ईंट भट्ठा मजदूरों के लिए वर्ष 2025-26 की मजदूरी दरों पर समझौता हो गया है। यह समझौता श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय में हनुमानगढ़ और पीलीबंगा तहसील के ईंट भट्ठा मालिक एसोसिएशन तथा मजदूर यूनियन के बीच हुआ। इसमें मजदूरी, बोनस और मूलभूत सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।
जिला श्रम कल्याण अधिकारी देवेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुए इस समझौते के तहत, पथेर से ईंट बनाने की दर 679.30 रुपए प्रति हजार निर्धारित की गई है। मशीन से तैयार ईंटों के लिए यह दर 544.30 रुपए प्रति हजार होगी। छोटी टाइलों की दर 867.30 रुपए प्रति हजार और बड़ी टाइलों की दर 1047.30 रुपए प्रति हजार तय की गई है। न्यूनतम भराई दर 206 रुपए निर्धारित की गई है, जिसमें दूरी बढ़ने पर अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान है।
मजदूरों के मासिक वेतन में भी वृद्धि की गई है। बेलदार और जलाइयों का वेतन 16,500 रुपए प्रति माह तथा जलाइ मजदूर का वेतन 16,600 रुपए निर्धारित किया गया है। फंदी बंद कराई, कोयला उतराई, पक्की ईंट भराई और ढुलाई जैसे अन्य कार्यों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
समझौते में मजदूरों को कुल 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान देने पर सहमति बनी है, जिसमें 8.33 प्रतिशत बोनस और 1.67 प्रतिशत एक्सग्रेशिया शामिल है। भट्ठों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए एक तरफ का किराया मालिक द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अन्य राज्यों से आने वाले मजदूरों को 700 रुपये तक यात्रा भत्ता दिया जाएगा।
मजदूरों के लिए स्वच्छ पेयजल, आवास और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है। किसी भी विवाद की स्थिति में काम बंद करने के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान करने पर सहमति बनी है।
यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान श्रमिकों और मालिकों के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
