
हनुमानगढ़ ।जिले के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं और कल्याणकारी सुविधाओं को लेकर शनिवार को आवाज उठाई। राजस्थान सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान के बैनर तले पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना को एक ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों को प्रमुखता से रखा।
संस्थान के जिलाध्यक्ष आनंद स्वामी ने बताया कि 7 मार्च को आयोजित एक बैठक में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की समस्याओं और सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई थी। उन्हीं बिंदुओं को अब प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों को आधिकारिक परिचय पत्र जारी किए जाएं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एसपी कार्यालय में एक अलग प्रकोष्ठ का गठन किया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं।
संस्थान ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सेवानिवृत्त कर्मियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक थाने और चौकी स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की। इसके साथ ही, आरजीएचएस योजना के तहत गंभीर बीमारियों की दवाओं के भुगतान और आउटडोर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।इसके अतिरिक्त, संस्थान ने अन्य जिलों की तर्ज पर हनुमानगढ़ में अपने संगठन के लिए भवन या भूमि उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को टोल टैक्स में छूट देने, उन्हें सीएलजी सदस्य बनाकर पुलिस-जन सहयोग में शामिल करने तथा जिला स्तर पर प्राथमिकता देने की बात भी कही गई।
संस्थान ने पुलिस कल्याण बोर्ड के गठन, हार्ड ड्यूटी अलाउंस को मूल वेतन में शामिल करने और प्रत्येक तीन माह में एसपी स्तर पर बैठक आयोजित करने का सुझाव भी दिया।
इस अवसर पर नरेंद्र गोदारा, महावीर शर्मा, काशीराम, नानकराम, हरदीप सिंह, घूकर सिंह, सीताराम, लूणकरण सिंह, सुखदेव सिंह, इंद्र सिंह, हरिहर सिंह, गोरेलाल, केसर सिंह, हीरालाल पोटलिया, राजेंद्र डूडी और जयनारायण जांदू सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
