
हनुमानगढ़ । श्री सिद्धेश्वर सुंदरकांड बालाजी मंदिर, आदर्श एनक्लेव (बैनिवाल हॉस्पिटल के सामने, बाईपास रोड) में आयोजित 2 दिवसीय *हनुमान प्राकट्य महोत्सव* अत्यंत भव्य, दिव्य एवं भक्तिमय वातावरण के बीच सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर जय श्री राम और हनुमान जी के जयकारों से गूंजता रहा तथा श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महोत्सव का शुभारंभ मंडल अध्यक्ष श्री सुशील जी गर्ग द्वारा पूजा अर्चना व रामचरितमानस पाठ के साथ हुआ। विद्वान पंडितों के सुमधुर पाठ एवं भजनों ने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया कि उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। सायंकाल रात्रि 08:00 बजे गंगा आरती की तर्ज पर हनुमान जी की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें दीपों की अलौकिक छटा, घंटों और शंखनाद की गूंज ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। इस मनोहारी दृश्य ने सभी भक्तों को काशी जी गंगा घाट आरती की झलक दिखला दी। शहरवासियों को ऐसी अनुपम छटा दूसरी बार देखने को मिली है।
दूसरे दिन विधि-विधान से पंचामृत स्नान के पश्चात हनुमान जी को सिंदूरी चोला अर्पित किया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात रात्रि 07:15 बजे से 09:00 बजे तक 1100 दिव्य हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ अत्यंत अनुशासित एवं एक स्वर में संपन्न हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा एक साथ किए गए इस पाठ ने पूरे क्षेत्र को भक्ति की ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
कार्यक्रम में माननीय विधायक श्री गणेश राज बंसल , महादेव भार्गव , देवेंद्र पारीक , आशीष पारीक, सुनील चाहर, अश्वनी नारंग, डॉक्टर निशांत बतरा , संघ जिला प्रचारक राधेश्याम जी , समाज सेवी बालकृष्ण जी गोल्याण, मुख्य गौशाला अध्यक्ष मनोहर लाल बंसल , अमरपुरा थेड़ी सरपंच रोहित स्वामी व अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई। वहीं मंडल सचिव *संजय पारीक* ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक एकता, सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण तथा युवा पीढ़ी को धर्म के प्रति जागरूक करना है।
पूरे महोत्सव के दौरान व्यवस्था अत्यंत सुचारू रही और समिति के सदस्यों ने सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। श्रद्धालुओं के लिए बैठने, प्रसाद एवं अन्य सुविधाओं की उत्तम व्यवस्था की गई थी, जिसकी सभी ने सराहना की।
इस भव्य आयोजन का सफल संचालन श्री सुंदरकांड मित्र मंडल समिति (रजि.) द्वारा किया गया। समिति के अथक प्रयासों, क्षेत्रवासियों के सहयोग एवं श्रद्धालुओं की आस्था के फलस्वरूप यह महोत्सव अत्यंत सफल एवं यादगार बन गया।
