
चारणवासी। फेफाना थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था के इकबाल पर अब गंभीर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। नए एएसपी की नियुक्ति और फेफाना थानाधिकारी के रूप में नरेंद्र सहू के पदभार संभालने के बाद क्षेत्र के नागरिकों ने जिस सुरक्षा और शांति की उम्मीद की थी, वह अब पूरी तरह से निराशा में बदलती नजर आ रही है। पुलिस थाने से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर, यानी पुलिस की सीधी जद में स्थित एक सूने मकान में हुई भीषण चोरी की वारदात ने खाकी के सुरक्षा घेरे और रात्रि गश्त के दावों को सरेआम बेनकाब कर दिया है। ग्रामीण राजेश कुमार के घर को निशाना बनाकर चोरों ने न केवल लाखों के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ किया, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को भी खुली चुनौती दे डाली है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर तीव्र आक्रोश व्याप्त है कि जब थाना क्षेत्र का हृदय स्थल ही सुरक्षित नहीं है, तो दूर-दराज के ढाणियों और मोहल्लों की स्थिति क्या होगी। आरोप है कि थानाधिकारी नरेंद्र सहू के नेतृत्व में पुलिस की सक्रियता धरातल के बजाय केवल कागजी आंकड़ों और मुख्य सडक़ों तक सिमट कर रह गई है। गलियों और मोहल्लों में पुलिस की मौजूदगी नगण्य होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे इत्मीनान से रैकी कर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गांव के राजेश कुमार अपनी पत्नी लाजवंती के साथ बीते 26 मार्च को सादुलशहर (श्रीगंगानगर) में अपने बेटे और बहू से मिलने गए हुए थे। इस दौरान घर पूरी तरह बंद था, जिसका फायदा उठाते हुए चोरों ने बड़ी इत्मीनान से वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने जिस प्रकार 4.5 तोला सोना, चांदी के पात्र और भारी नकदी पार की, वह क्षेत्र में पुलिस के खुफिया तंत्र की विफलता का जीवंत प्रमाण है। लोगों का कहना है कि पूर्व में जिस पुलिसिया सक्रियता की अपेक्षा की गई थी, वर्तमान नेतृत्व में वह कहीं नजर नहीं आ रही। थानाधिकारी की कार्यप्रणाली के प्रति जनमानस में अविश्वास की भावना गहरा रही है, क्योंकि सुरक्षा के नाम पर कस्बे की जनता को केवल सूनी सडक़ें और असुरक्षित गलियां नसीब हो रही हैं। थाने से चंद कदमों की दूरी पर हुई इस बड़ी सेंधमारी ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि आम नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर है। यदि समय रहते पुलिस प्रशासन और उच्चाधिकारियों ने क्षेत्र की गश्त व्यवस्था और थानाधिकारी की जवाबदेही तय नहीं की, तो आने वाले समय में अपराध का यह ग्राफ और अधिक भयावह रूप ले सकता है। फिलहाल कागजों में मामला दर्ज कर जांच एएसआई महेंद्र कुमार को सौंपी गई है, लेकिन जनता अब कोरे आश्वासनों के बजाय ठोस सुरक्षा और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही है।
