
श्रीगंगानगर। हनुमानगढ़ में आज धाणका समाज ने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दे दी है। दरअसल, धाणका जनजाति संघर्ष समिति जाति प्रमाण-पत्र जारी न होने से गुस्से में है। समिति कलेक्ट्रेट पर कई महीनों से धरना–प्रदर्शन कर रही है। मंगलवार को समिति के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
250 दिनों से खाली हाथ, 15 अप्रैल से मंडी बंद करेंगे
धाणका जनजाति संघर्ष समिति के सदस्य धर्मेंद्र मौर्या का कहना है कि प्रशसन की इस मनमानी के खिलाफ हम 250 दिनों से धरने पर बैठे हैं। बावजूद इसके प्रशासन लगातार हमारी अनदेखी कर रहा है। जाति प्रमाण-पत्र के अभाव में हमारे बच्चों को परेशान होना पड़ रहा है।
समिति ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांगें न मानी गईं तो 15 अप्रैल से श्रीगंगानगर–हनुमानगढ़ दोनों जिलों की सभी तहसीलों में अनाज मंडियों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। समाज के लोग इनमें काम नहीं करेंगे। इसके बाद भी प्रशासन हमारी मांगे नहीं मानता तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन के लिए तैयार रहे।
कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध-प्रदर्शन करते हुए समाज के लोग।
स्कूल में एडमिशन नहीं, छात्रवृत्ति रुकी, रोजगार अटका
धाणका जनजाति संघर्ष समिति का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र न मिलने से हमारे बच्चों को आरटीई के तहत स्कूलों में एडमिशन नहीं मिल पा रहे हैं। बीएड और बीएसटीसी में दाखिला रुका हुआ है। गरीब बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल रहा और रोजगार के अवसर भी बंद हो गए हैं। समिति के पदाधिकारियों ने कहा- यह सिर्फ एक कागज की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे वजूद और पीढ़ी के भविष्य की लड़ाई है।
