
श्रीगंगानगर। एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था में बदलाव के विरोध में दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन, श्रीगंगानगर कच्चा आढ़तिया संघ और अन्य व्यापारिक संगठनों ने गुरुवार को जिलेभर की कृषि मंडियां बंद रखीं। श्रीगंगानगर धान मंडी समेत सभी मंडियों में गेहूं की खरीद, लिफ्टिंग और फसलों की बोली पूरी तरह ठप रही।
मंडी के चारों गेट बंद कर दिए गए, जिससे किसान ट्रैक्टरों में अनाज भरकर मंडी पहुंचे, लेकिन उनकी फसल नहीं बिक सकी। मंडी के बाहर किसानों की भारी भीड़ लगी रही। पदमपुर, लालगढ़ जाटान, सूरतगढ़, रावला, अनूपगढ़, घड़साना, रायसिंहनगर और श्रीविजयनगर सहित पूरे जिले की मंडियां बंद रहीं।
MSP 2700, मंडी में 2300 रुपए में बिक रहा गेहूं कच्चा आढ़तिया संघ के अध्यक्ष राय सिंह कुलड़िया ने बताया कि सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2700 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन मंडियों में गेहूं 2300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव बिक रहा है। बारदाने की कमी है और खरीद के लिए नियुक्त दो एजेंसियों में से एक का भी टेंडर अभी तक नहीं हुआ है। इससे किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं, जबकि मजदूरों को भी काम नहीं मिल रहा।
सरकार की तैयारी पर उठाए सवाल दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र पाल आहूजा ने कहा कि सरकार इस बार भी गेहूं खरीद को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि कोटा-बूंदी जैसे क्षेत्रों में भी अभी तक खरीद शुरू नहीं हो पाई है, जबकि वहां आवक अधिक रहती है। नई व्यवस्था से किसानों और व्यापारियों को राहत नहीं मिल रही, बल्कि परेशानी बढ़ रही है।
व्यापारियों की मुख्य मांगें
- गेहूं में चमकहीन, बारीक, टुकड़े और काले दानों के लिए 100% छूट तुरंत दी जाए, ताकि खरीद प्रभावित न हो।
- किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था बंद की जाए, जिससे असामंजस्य की स्थिति न बने।
- बायोमेट्रिक प्रक्रिया हटाई जाए, क्योंकि इससे खरीद की गति धीमी होती है और किसानों में असंतोष बढ़ता है।
- खरीद केंद्रों पर बारदाने की उपलब्धता बढ़ाई जाए, वर्तमान में केवल 10% आवंटन अपर्याप्त है।
