
हनुमानगढ़। जिला कारागृह में बंदियों के साथ मारपीट और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में टिब्बी तहसील के गांव 4 केएसपी निवासी शंभूसिंह पुत्र हरमिन्द्र सिंह ने बुधवार को जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
शिकायत में शंभूसिंह ने बताया कि उसका भाई स्वराज सिंह पुत्र हरमिन्द्र सिंह तथा संदीप सिंह उर्फ सीपी पुत्र जोगेन्द्र सिंह वर्तमान में जिला कारागृह में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध हैं। आरोप है कि जेल प्रशासन के कुछ कर्मचारियों द्वारा 21 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे इन बंदियों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
शिकायत के अनुसार इस घटना में पवन कुमार (एचसी), प्रेम कुमार (हवलदार), बलकरण सिंह (हवलदार), जयवीर (एचसी), अमराराम (डिप्टी) सहित जेल अधीक्षक भी शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि इन सभी ने बंदियों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उनकी पिटाई की।
परिजनों का कहना है कि बंदियों ने जेल में दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता में सुधार की मांग की थी। इसी बात से नाराज होकर जेल कर्मचारियों ने उनके साथ यह कथित कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि मामूली मांग को लेकर बंदियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार करना न केवल अमानवीय है, बल्कि कानून के खिलाफ भी है।
शिकायत में जेल के भीतर चल रही कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि जेल प्रशासन की मिलीभगत से जर्दा और बीड़ी जैसी वस्तुओं की अवैध बिक्री की जा रही है। बंदियों को ये सामग्री ऊंचे दामों पर उपलब्ध कराई जाती है। इतना ही नहीं, तलाशी के दौरान जब्त की गई सामग्री को भी दोबारा बंदियों को बेचने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार जब बंदियों ने इन अनियमितताओं और अवैध गतिविधियों का विरोध किया, तो रंजिश के चलते उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल मारपीट का ही नहीं, बल्कि जेल व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार का भी गंभीर उदाहरण है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
शंभूसिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही घायल बंदियों को तुरंत उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए, ताकि उनकी हालत में सुधार हो सके।
