
हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले गेहूं के उत्पादन में पूरे प्रदेश में टॉपर हैं। इन दोनों जिलों में इंदिरा गांधी नहर परियोजना, भाखड़ा, गंग कैनाल, नोहर-सिद्धमुख परियोजना, अमरसिंह ब्रांच से सिंचाई होती है। कैनाल सिस्टम मजबूत होने के कारण किसान गेहूं की बिजाई ज्यादा करते हैं। इसलिए प्रदेश में सबसे ज्यादा गेहूं की बिजाई यहीं होती है। पैदावार भी सर्वाधिक इन्हीं दोनों जिलों में होती है। श्रीगंगानगर|प्रदेश में विपणन वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं एमएसपी पर खरीदेगी।
किसानों से 150 रुपए बोनस सहित कुल 2735 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जाएगी। राज्य में एमएसपी पर खरीद 16 मार्च से शुरू हो चुकी है, लेकिन हनुमानगढ़ जिले की मंडियों में गेहूं अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में आएगी। राज्य में सर्वाधिक 7 लाख 95 हजार 800 एमटी गेहूं हनुमानगढ़ जिले से खरीदने का लक्ष्य तय किया गया है। यह कुल खरीद का 34.6 प्रतिशत है। दूसरा स्थान श्रीगंगानगर का है। यहां से 5 लाख 64 हजार 100 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य है।
कोटा 2 लाख 27 हजार 500 एमटी लक्ष्य के साथ तीसरे स्थान पर है। जिले में इस बार 2 लाख 39 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई है। यह रकबा सर्वाधिक है। साथ ही समय पर सिंचाई पानी मिलने के से इस बार उत्पादन भी बंपर होने का अनुमान है। गेहूं खरीद के लिए जिले में 66 केंद्र स्थापित किए गए हैं। एफसीआई, राजफेड, तिलम संघ, नैफेड, एनसीसीएफ, आर एस एफसी एससी को खरीद केंद्र आबंटित किए गए हैं।
