
हनुमानगढ़ ।टाउन से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक मां भद्रकाली मंदिर में नौ दिवसीय नवरात्र मेला शुक्रवार को रामनवमी के साथ संपन्न हो गया। नवमी के दिन मुख्य मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मन्नतें मांगीं।
समिति ने 25 से अधिक गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया।
सुबह तड़के से देर शाम तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। दर्शन के लिए भक्तों को लगभग दो घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ा, जबकि दर्शन का समय मात्र 2 से 3 सेकंड का था। राजस्थान के अतिरिक्त पंजाब, हरियाणा और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
मेले के नौ दिनों तक हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब) ने व्यवस्थाओं का संचालन किया। समिति ने पेयजल, भंडारा, खोया-पाया केंद्र, चिकित्सा सहायता, जूता घर और भीड़ नियंत्रण जैसी सेवाएं प्रदान कीं। समिति के अध्यक्ष मदन गोपाल जिंदल के अनुसार, संस्था पिछले 45 वर्षों से यह सेवा कार्य कर रही है।
मेले में खोया-पाया केंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति ने 25 से अधिक गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया, साथ ही कई मोबाइल फोन और पर्स भी लौटाए। शुक्रवार को डबली राठान से आया 5 वर्षीय प्रिंस नामक बच्चा भीड़ में बिछड़ गया था, जिसे 15-20 मिनट के भीतर उसकी मां गीता कौर से मिला दिया गया। 6 वर्षीय हरमन सहित अन्य बच्चों को भी सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया।
इससे पूर्व, विधायक गणेशराज बंसल ने अष्टमी पर महाआरती में भाग लिया और समिति द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना की।
