
IPL की ऑलटाइम बेस्ट टीम कौन सी है- इस सवाल का जवाब हमेशा बहस में उलझा रहता है। कोई ट्रॉफियों के आधार पर किसी टीम को आगे रखता है तो कोई अपनी पसंद मुताबिक किसी को टॉपर बताता है। इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए हमने 18 सीजन (2008–2025) के डेटा के आधार पर एक ऑल-टाइम रैंकिंग तैयार की है।
साथ ही, IPL के बदलते ट्रेंड को समझने के लिए पिछले 4 सीजन की अलग रैंकिंग भी बनाई है, जिसमें मौजूदा फॉर्म और नई टीमों का असर साफ दिखता है। यानी इस स्टोरी में आपको दो तस्वीरें मिलेंगी- एक इतिहास की और एक हाल-फिलहाल की।
- ऑल टाइम रैंकिंग में सिर्फ उन्हीं टीमों को शामिल किया गया है जिन्होंने कम से कम 10 सीजन खेले हैं।
- पिछले चार साल की रैंकिंग में लीग की सभी 10 टीमों को शामिल किया गया है, इसलिए इसमें गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स भी शामिल हैं।
रैंकिंग देखने से पहले रैंकिंग निकालने का हमारा प्रोसेस समझिए
हमने टीमों को चार पैमानों पर परखा है…
1. मैच जीतने का प्रतिशत- कॉम्पिटिटिव लेवल पर किसी भी खेल का सबसे बड़ा मकसद जीतना होता है। जो टीम ज्यादा मैच जीतेगी, उसका विनिंग परसेंटेज ज्यादा होगा और उसे ज्यादा रेटिंग पॉइंट्स मिलेंगे।
2. प्लेऑफ में पहुंचने का प्रतिशत- IPL के हर सीजन की शुरुआत में टीमों का पहला गोल प्लेऑफ में पहुंचना होता है। इन्हीं टॉप-4 टीमों के बीच फाइनल में पहुंचने की होड़ होती है।
3. फाइनल में पहुंचने की दर- IPL का सीजन 10 टीमों के साथ शुरू होता है लेकिन जब यह खत्म होता है तो दो ही टीमें याद रह जाती हैं। विनर्स और रनर्स अप। इसके लिए जरूरी है कि टीम फाइनल खेले।
4. फाइनल को ट्रॉफी में कन्वर्ट करने की दर- IPL फाइनल को प्रेशर गेम भी कहते हैं। इसलिए फाइनल को ट्रॉफी में कन्वर्ट करना टीमों के लिए हमारा चौथा पैमाना है।
रैंकिंग में टीमों को पॉइंट्स कैसे मिले
चारों पैमाने के लिए 250-250 अंक रखे गए हैं। हर पैमाने पर सबसे आगे रहने वाली टीम को पूरे 250 अंक मिले। बाकी टीमें टॉपर से जितनी पीछे रही, उनके अंक उसी अनुपात में कम होते गए। इस तरह चारों पैमानों को मिलाकर अधिकतम 1000 रेटिंग पॉइंट्स हैं। जो टीमें 1000 के जितने करीब पहुंचीं, उनकी रैंकिंग उतनी ऊंची बनी।
अब एक-एक कर चारों पैमाने में देखते हैं कि कौन-सी टीम किस पोजिशन पर रही है। इसके बाद फाइनल रैंकिंग देखेंगे…
मैच जीतने में चेन्नई सबसे आगे, मुंबई क्लोज सेंकेंड
चेन्नई ने अब तक 18 IPL में 253 मैच खेले और 142 में जीत हासिल की। टीम का विनिंग परसेंटेज 56% रहा, जो सभी टीमों से बेहतर है। मुंबई ने 55% मैच जीते हैं। इसलिए टीम के 246 पॉइंट्स होते हैं।
प्लेऑफ तक पहुंचने में भी धोनी की टीम की बादशाहत
चेन्नई सुपर किंग्स ने 12 बार प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया है। टीम का परसेंटेज 75% है। मुंबई इंडियंस ने 18 में से 11 बार प्लेऑफ में जगह बनाई है। टीम 61% के साथ 203 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर है।
फाइनल में पहुंचने की दर भी चेन्नई की सबसे ज्यादा
IPL में सबसे ज्यादा 10 बार फाइनल खेलने का रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम है। इस पैमाने में 63% के साथ टॉप पर है।मुंबई इंडियंस ने 18 में से 6 बार फाइनल खेला है। 33% के साथ उसे 131 पॉइंट्स मिले।
फाइनल को ट्रॉफी में कन्वर्ट करने में मुंबई लाजवाब
मुंबई इंडियंस ने 6 में से 5 IPL फाइनल जीतकर 83% का कन्वर्जन रेट हासिल किया है। टीम इस पैमाने के पहले स्थान पर है।
कोलकाता नाइट राइडर्स ने 4 में से 3 फाइनल जीते हैं। 75% के साथ उसे 226 पॉइंट्स मिले। चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स दोनों का कन्वर्जन रेट 50% है, जिससे दोनों को 151-151 पॉइंट्स मिले।
ओवरऑल रैंकिंग में चेन्नई नंबर-1, पंजाब फिसड्डी
चारों कैटेगरी मिलाकर बनाई गई रैंकिंग में चेन्नई सुपर किंग्स सबसे ऊपर है। टीम ने 901 पॉइंट्स हासिल किए हैं। मुंबई इंडियंस 830 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स 688 पॉइंट्स के साथ तीसरे नंबर पर है। वहीं पंजाब किंग्स 302 पॉइंट्स के साथ आखिरी स्थान पर है।
गुजरात सबसे आगे, कोहली की टीम को पीछे छोड़ा
पिछले 4 सीजन के आधार पर बनी ओवरऑल रैंकिंग में गुजरात टाइटंस ने पहले स्थान पर है। टीम ने 875 पॉइंट्स हासिल किए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 855 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (660) रही, जबकि 181 पॉइंट्स के साथ दिल्ली आखिरी स्थान पर है।
