
हनुमानगढ़। आज बजरंग दल के बैनर तले कार्यकर्ताओं द्वारा देश में बढ़ रही कथित जिहादी मानसिकता एवं उससे जुड़ी गतिविधियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए पुतला दहन किया तथा नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।
कार्यक्रम के पश्चात जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक समरसता एवं कानून व्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि देश में “लव जिहाद” जैसे मामलों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जो अब शिक्षित और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। साथ ही हाल के कुछ प्रकरणों का हवाला देते हुए नाबालिग बालिकाओं के शोषण, ब्लैकमेल एवं जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में “अवैध लैंड कब्जों” के माध्यम से वन भूमि, सार्वजनिक संपत्तियों एवं संवेदनशील क्षेत्रों पर किए जा रहे अतिक्रमण को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया। साथ ही खान-पान से संबंधित विवादित घटनाओं एवं समाज में वैमनस्य फैलाने के प्रयासों पर भी चिंता जताई गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कुछ क्षेत्रों में हिंदू परिवारों एवं जनजातीय समाज पर उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे उन्हें पलायन के लिए विवश होना पड़ रहा है। इन सभी मुद्दों पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की आवश्यकता बताई गई।
इस अवसर पर बजरंग दल प्रांत संयोजक विक्रम परिहार ने बताया कि संगठन राष्ट्रहित में किसी भी प्रकार की असामाजिक एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए तथा यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बजरंग दल व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
बजरंग दल जिला सहसंयोजक एडवोकेट सुनील चाहर ने बताया कि संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदु अत्यंत गंभीर हैं तथा इन पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को कठोर कदम उठाने होंगे, अन्यथा संगठन जनआंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, अवैध कब्जों को तत्काल हटाने, जबरन धर्मांतरण जैसे मामलों को रोकने हेतु सख्त कानून लागू करने तथा जनजातीय क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मोहन चगोई,आशीष पारीक,एडवोकेट सुनील सुथार, दिवाकर जाखड़,महेंद्रपुनिया,सुभाष खीचड़,शिवा स्वामी ,नंदराम ,निशु पीलीबंगा,जय सिंह नरूका, जय सिंह साहू,हनी सिंह,एन एम लॉ कॉलेज निवर्तमान उपाध्यक्ष कोमल सिरावता,जोतराम
सादुल,विनोद, ईमीलाल,लोकेंद्र,नरसीराम
शिशपाल,राजेंद्र नवा,सत्य स्वामी, करण,रवि भरवाना, इंद्रपाल,राहुल नाथ,मनीष पारीक,अजय तरड़, विक्की धुरिया,एडवोकेट सुरेश दादरवाल,पवन तरड़,सिद्धार्थ भार्गव,अशोक खींची आदि उपस्थित रहे । सभी ने एकजुट होकर राष्ट्र की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
