
हनुमानगढ़। स्थानीय संस्कार इंटरनेशनल एकेडमी में शनिवार को कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस रचनात्मक कार्यक्रम में विद्यालय के सभी वर्गों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में सृजनात्मक सोच, कल्पनाशीलता और सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करना रहा। प्रतियोगिता को चार अलग-अलग समूहों—ग्रुप A (कक्षा 1–2), ग्रुप B (कक्षा 3–5), ग्रुप C (कक्षा 6–8) तथा ग्रुप D (कक्षा 9–12) में विभाजित किया गया था, ताकि प्रत्येक आयु वर्ग के विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के अनुसार मंच मिल सके। कक्षा 1 और 2 के नन्हे विद्यार्थियों ने रंग भरने की गतिविधि में भाग लेते हुए अपनी मासूम रचनात्मकता का परिचय दिया, वहीं कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों ने “सेव ट्रीज”, “स्वच्छ भारत”, “डिजिटल इंडिया”, सामाजिक सरोकारों और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर आधारित चित्र बनाकर अपनी सोच को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे चित्रों से सजीव और आकर्षक नजर आया। हर एक चित्र में विद्यार्थियों की कल्पना, संवेदनशीलता और विषय के प्रति समझ स्पष्ट रूप से दिखाई दी। निर्णायक मंडल ने चित्रों का मूल्यांकन करते हुए विद्यार्थियों की रचनात्मकता, रंग संयोजन, प्रस्तुति और विषय की गहराई को प्रमुख आधार बनाया। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य एवं समस्त स्टाफ ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की प्रशंसा की और उन्हें आगे भी इसी तरह अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनकी कला को संवारने में सहयोग दिया।
कार्यक्रम के अंत में एल. बी. सुब्बा ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक मंच विद्यार्थियों को अपनी अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करते हैं और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसी गतिविधियों को नियमित रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। प्रतियोगिता का समापन उत्साह और सकारात्मक वातावरण में हुआ, जहां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को और निखारने की प्रेरणा मिली।
