
हनुमानगढ़। नहरी क्षेत्र में कपास (नरमा) की बुवाई का समय तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन बी.टी. कॉटन बीज की बिक्री को लेकर राज्य सरकार की ओर से अब तक स्पष्ट अनुमति जारी नहीं होने से किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए हनुमानगढ़ कृषि संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ. रामप्रताप एवं भाजपा नेता अमित चौधरी से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने बताया कि हरियाणा और पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों में बी.टी. कॉटन बीज की बुवाई के लिए पहले ही अनुमति दी जा चुकी है, जिससे वहां के किसान समय पर अपनी फसल की तैयारी कर पा रहे हैं। इसके विपरीत राजस्थान के किसान अनुमति के अभाव में पीछे रह रहे हैं, जिससे उनकी खेती की योजना प्रभावित हो रही है। संगठन का कहना है कि यदि जल्द ही अनुमति जारी नहीं की गई, तो किसानों को मजबूरी में अन्य राज्यों से महंगे दामों पर या अनधिकृत माध्यमों से बीज खरीदना पड़ेगा, जिससे कालाबाजारी और नकली बीज की समस्या बढ़ने की आशंका है।
अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि कृषि कार्य पूरी तरह समयबद्ध होता है और बीज उपलब्धता में देरी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बी.टी. कॉटन बीज की बिक्री को मंजूरी दे, ताकि किसान समय पर बुवाई कर सकें और संभावित नुकसान से बच सकें।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के अनुरूप समान नीति अपनाए, जिससे किसानों के साथ भेदभाव न हो। इसके साथ ही अधिकृत बीज की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि बाजार में नकली बीज की बिक्री पर अंकुश लगाया जा सके और किसानों का भरोसा बना रहे।
पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप और भाजपा नेता अमित चौधरी ने किसानों की मांगों को उचित बताते हुए आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को सरकार और कृषि विभाग के उच्च स्तर पर उठाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानियों का जल्द समाधान कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर संगठन के कई पदाधिकारी और प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
