
हनुमानगढ़। जंक्शन के मुख्य बाजार में बरसात के मौसम के दौरान जलभराव की पुरानी समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा नई सड़क का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है, लेकिन धीमी गति और अव्यवस्थित कार्यशैली के चलते आमजन को राहत मिलने के बजाय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से राजीव चौक से अंबेडकर चौक तक सड़क निर्माण का कार्य पिछले करीब एक महीने से जारी है, लेकिन अब तक सड़क को पूरी तरह तोड़कर छोड़ दिया गया है और निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है।
सड़क की बदहाल स्थिति के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कल शुक्रवार को भी एक हादसा सामने आया, जब एक गुजरती कार के टायर से उछला पत्थर पास स्थित एक निजी होटल के मुख्य गेट के बड़े शीशे से जा टकराया, जिससे शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इसके अलावा छोटे-बड़े कई हादसे रोजाना हो रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों में रोष व्याप्त है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक निजी मॉल और होटल संचालक, जो कि एक बड़े भाजपा नेता बताए जा रहे हैं, ने सड़क के एक हिस्से पर अतिक्रमण करते हुए इंटरलॉक टाइल्स लगाने का कार्य शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि 40 फीट चौड़ी सड़क में से करीब 20 फीट हिस्से पर अपने प्रतिष्ठान में आने-जाने वाले लोगों की सुविधा के नाम पर कब्जा किया जा रहा है। इससे न केवल सड़क की चौड़ाई कम हो रही है, बल्कि सड़क निर्माण के मूल उद्देश्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि इंटरलॉक टाइल्स सड़क के एक साईड बने नाले से करीब डेढ़ फीट नीचे लगाई जा रही हैं, जिससे बरसात के समय जलभराव की समस्या जस की तस बनी रहने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क का लेवल सही नहीं रखा गया तो प्रशासन द्वारा किया जा रहा यह पूरा निर्माण कार्य बेकार साबित होगा और जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा व्यर्थ जाएगा।
इन समस्याओं से आक्रोशित होकर शनिवार को आमजन ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनीष मक्कासर के नेतृत्व में बाजार के मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक चले इस जाम के कारण यातायात पूरी तरह बाधित रहा और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने प्रशासन और सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग अपने निजी हितों के लिए सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं और अधिकारी दबाव में आकर आंखें मूंदे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का मुख्य उद्देश्य जलभराव से राहत दिलाना है, लेकिन अतिक्रमण और गलत लेवल के कारण यह उद्देश्य ही खत्म हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी अपनी दूर बदली के डर से नेताओं की हां में हां मिला रहे हैं, जिससे जनता के हितों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जाम की सूचना मिलने पर प्रशासन हरकत में आया और अतिरिक्त जिला कलेक्टर की मध्यस्ता से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। एडीएम ने लोगों को आश्वस्त किया कि सड़क का निर्माण सही लेवल पर कराया जाएगा और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एडीएम के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद जाम समाप्त किया गया। हालांकि स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर जसवंत शर्मा, मदन सुथार, जगदीश मिस्त्री, विक्की मिस्त्री, मुरली, रामकुमार, राजू, सुरेन्द्र पेन्टर, दिनेश, विनोद पाल, आशाराम राठौड़, खान मिस्त्री व अन्य मार्केट के लोग मौजूद थे।
