
हनुमानगढ़। जंक्शन में शनिवार को आयोजित एक भव्य समारोह में राजस्थान सरकार के पूर्व केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अग्रसेन भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, नशा मुक्ति और मुस्लिम समाज की जागरूकता को लेकर सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सर्व समाज के तत्वावधान में वली मोहम्मद (काले खां सरपंच) के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत एवं अभिनंदन से हुआ, जहां बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग, युवा, महिलाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल बना।
अपने संबोधन में शाले मोहम्मद ने समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी शिक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि “अगर बेटियां शिक्षित होंगी तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ेगा।” उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे युवा अपने भविष्य को सशक्त बना सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने नशा मुक्ति के विषय पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की और युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि नशा समाज को अंदर से खोखला करता है और इससे परिवार एवं आने वाली पीढ़ियां प्रभावित होती हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और नियमित जांच एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
सम्मेलन में मुस्लिम समाज की जागरूकता को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुधार के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर आवश्यक है, ताकि नई पीढ़ी को सही दिशा मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में काले खान नवा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर निवर्तमान सभापति सुमित रणवा, पूर्व सरपंच सफी मोहम्मद, बेबी हैप्पी कॉलेज के निदेशक तरुण विजय, पार्षद गुरदीप सिंह बराड़ बब्बी, अब्दुल हफीज अवतार सिंह बराड़, इस्ताक मोहम्मद सहित अन्य समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद थे
