
हनुमानगढ़। इथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में संघर्ष समिति ने सोमवार को शहीदी दिवस पर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया। टिब्बी में सैकड़ों किसानों और नागरिकों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि फैक्ट्री का एमओयू रद्द नहीं किया गया और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन उग्र होगा।
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम श्री गुरुद्वारा सिंह सभा से शुरू हुआ। जुलूस पुलिस थाने के सामने से होते हुए मुख्य बाजार पहुंचा, जहां बाबा साहेब अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस दौरान वक्ताओं ने शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेकर क्षेत्र के हक की लड़ाई को तेज करने का आह्वान किया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। उनकी मुख्य मांगें फैक्ट्री का एमओयू रद्द करना और किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेना हैं।
टिब्बी में सैकड़ों किसानों और नागरिकों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
समिति ने फैक्ट्री स्थल पर जमीन समतल करने जैसी गतिविधियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गतिविधियों को तुरंत नहीं रोका गया तो किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संघर्ष समिति ने अपनी आगामी रणनीति का भी खुलासा किया। बताया गया कि 31 जुलाई को शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस पर हनुमानगढ़ जंक्शन में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से आंदोलन को और व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। पुलिस-प्रशासन के कड़े इंतजाम के बीच यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
