
हनुमानगढ़। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के आह्वान पर ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शनकारी ‘नो प्रमोशन, नो वर्क’ के नारे लगा रहे थे, जिसके जरिए उन्होंने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले छह वर्षों से पदोन्नति नहीं हुई है, कैडर स्ट्रेंथनिंग नहीं की गई है और 11 सूत्रीय मांगपत्र पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद विभाग द्वारा उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
संगठन ने यह भी बताया कि पंचायत राज अधिनियम 1994 और नियम 1996 के प्रावधानों के विपरीत कार्य कराए जा रहे हैं। ग्राम सभाओं के आयोजन में भी नियमों की अनदेखी हो रही है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और आमजन की भागीदारी घट रही है।
ग्राम विकास अधिकारियों ने हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट पर ‘नो प्रमोशन, नो वर्क’ का नारा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कम समय के नोटिस और अव्यवस्थित प्रक्रिया के कारण इन सभाओं का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्राम स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है।
संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी चरणों में राज्य स्तर पर धरना, घेराव और महापड़ाव जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लंबित पदोन्नतियां शीघ्र पूरी की जाएं, कार्यभार का स्पष्ट विभाजन हो और नियमों के अनुरूप ही कार्य कराया जाए, ताकि पंचायत राज व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश खटोतिया, जिलाध्यक्ष राजेंद्र गोदारा, हनुमानगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम कुमार, संगरिया ब्लॉक अध्यक्ष, पीलीबंगा ब्लॉक अध्यक्ष अमरसिंह बिश्नोई और योगेंद्र सिंह सहित संगठन के कई पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
