
हनुमानगढ़। बिजली विभाग के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों और अधिकारियों का आंदोलन तेज हो गया है। संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार से जिले के सभी सब डिवीजनों में अधिकारी और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। यह विरोध 25 मार्च से 27 मार्च तक 3 दिनों तक चलेगा।
कर्मचारियों ने ‘निजीकरण बंद करो’ और ‘अधिकारी-कर्मचारी एकता जिंदाबाद’ जैसे नारों के साथ सरकार के फैसले के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। उनका कहना है कि निजीकरण से कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा पैदा होगा और आम उपभोक्ताओं पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
30 अप्रैल जोधपुर में करेंगे बड़ा प्रदर्शन संयुक्त संघर्ष समिति ने आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत 7 अप्रैल को उपखंड स्तर पर सहायक अभियंता (एईएन) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल को सर्किल स्तर पर अधीक्षण अभियंता के माध्यम से ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया जाएगा।
आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए 20 से 25 अप्रैल तक जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राज्य सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 30 अप्रैल को जोधपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई है।
संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निजीकरण के फैसले को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
