
हनुमानगढ़। महिलाओं एवं बेटियों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति द्वारा सोमवार, 30 मार्च 2026 से बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज में महिला कौशल प्रशिक्षण एवं साइबर अपराध जागरूकता शिविर का शुभारंभ किया गया। यह शिविर सात दिनों तक चलेगा, जिसमें छात्राओं को आत्मरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष जितेंद्र गोयल उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सी.आई. संतोष ढाका एवं पार्षद अंजना जैन ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने की। इस अवसर पर अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि जितेंद्र गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक रहना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को इस प्रकार के शिविरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि संतोष ढाका ने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से आमजन व महिलाओं में आत्मरक्षा की जागरूकता बढ़ेगी। महिलाएं स्वयं की सुरक्षा के प्रति सजग रह सकें। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए सावधानी बरतने के महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
समाजसेवी सुमन चावला ने कहा कि आज 21 वीं सदी में जहां आधुनिकता बढ़ी है, वहीं कुछ युवा नशे की लत के कारण अपनी सुध बुध भुला चुका है। महिलाओं व बेटियों को आत्मनिर्भर होते हुए अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक होना होगा और अपनी आत्मरक्षा हमारा प्रथम अधिकार है। बेटियां अगर इस आत्मरक्षा शिविर में भाग लेकर अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होगी तभी यह शिविर सार्थक है।
महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में आत्मरक्षा के गुर सीखना उन्हें न केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग जितना आवश्यक है, उतना ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए बेटियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।
अग्रवाल ने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति का उद्देश्य समाज में महिलाओं और बच्चों के हितों की रक्षा करना तथा उन्हें सशक्त बनाना है। समिति समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहती है, जिससे समाज में जागरूकता का प्रसार हो और महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल परमानंद सैनी, महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की संरक्षक प्रोफेसर सुमन चावला, दर्शना अग्रवाल, एडवोकेट मंजुला गर्ग, बृज किशोर तिवारी, सुभाष गर्ग, श्याम सुंदर बंसल, कोमल कुमार अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त समिति के सलाहकार अमृत गोयल, मोहित बलाडिया, उपाध्यक्ष अनुपमा विजय, कोषाध्यक्ष रेखा बंसल, सचिव मोनिका जिंदल, संगठन मंत्री वनिता सिंगला, सह संगठन मंत्री लीजा गोयल, सोनू अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सदस्य, कॉलेज स्टाफ एवं छात्राएं मौजूद रहीं।
शिविर के दौरान महिला पुलिस प्रशिक्षक मास्टर ट्रेनर द्वारा छात्राओं एवं बेटियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग एवं डिजिटल जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की जाएंगी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना एवं उन्हें आत्मविश्वास से भरपूर करना है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में स्वयं की रक्षा कर सकें। यह शिविर छात्राओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
