
हनुमानगढ़। रबी सीजन 2026-27 में गेहूं खरीद को लेकर मंडी यार्ड हनुमानगढ़ टाउन में व्यापारियों और किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल और सचिव दलीप ढिल्लों के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर दो प्रमुख मुद्दों—स्लॉट बुकिंग व्यवस्था समाप्त करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने—पर चर्चा की। बैठक को सकारात्मक बताया गया और प्रशासन द्वारा समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान में गेहूं खरीद के लिए किसानों को पंजीकरण के बाद स्लॉट बुकिंग व्यवस्था का पालन करना पड़ रहा है, जिसके तहत निर्धारित तिथि पर ही मंडी में गेहूं बेचा जा सकता है। व्यापारियों और किसानों का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता, कंबाइन मशीन की उपलब्धता और अन्य परिस्थितियों के चलते किसान तय समय पर ही फसल मंडी में नहीं ला पाते। ऐसी स्थिति में उन्हें अपनी उपज को घर पर लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी संभव नहीं होता।
उन्होंने मांग की कि गत वर्ष की तरह बिना स्लॉट बुकिंग के ही गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसानों को सुविधा मिल सके और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ मिल सके। व्यापारियों ने यह भी बताया कि पूर्व में खाद्य सचिव स्तर की बैठकों में जनाधार, बैंक खाते और गिरदावरी के आधार पर खरीद प्रक्रिया तय की गई थी, जिसमें स्लॉट बुकिंग का कोई प्रावधान नहीं था। ऐसे में नई व्यवस्था किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
बैठक में दूसरा प्रमुख मुद्दा बारदाना की कमी का उठाया गया। व्यापारियों ने बताया कि गत वर्ष मंडी यार्ड हनुमानगढ़ टाउन में लगभग 30 लाख गेहूं के कट्टों की खरीद एफसीआई द्वारा की गई थी, जबकि इस वर्ष बंपर पैदावार के चलते यह आंकड़ा 40 लाख कट्टों से अधिक होने की संभावना है। इसके बावजूद अभी तक खरीद एजेंसियों के पास पिछले वर्ष की तुलना में केवल लगभग 25 प्रतिशत बारदाना ही उपलब्ध है।
प्रतिनिधिमंडल ने चेताया कि यदि समय रहते बारदाना की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो गेहूं खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों, मजदूरों और व्यापारियों में असंतोष बढ़ेगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि एफसीआई के माध्यम से शीघ्र पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया जाए।
जिला कलेक्टर ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया। बैठक में समाधान की दिशा में सकारात्मक चर्चा हुई और उम्मीद जताई गई कि जल्द ही किसानों और व्यापारियों को राहत मिलेगी।
