
हनुमानगढ़। नगर परिषद ने सड़कों पर निराश्रित पशुओं की बढ़ती समस्या पर सख्ती शुरू कर दी है। जिला ।कलेक्टर और नगर परिषद आयुक्त के निर्देशों पर शनिवार को एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान पशुपालकों को सड़कों पर पशु नहीं छोड़ने की चेतावनी दी गई।
अभियान के तहत सफाई निरीक्षक रमनदीप कौर के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर पशुपालकों से संपर्क किया। टीम ने उन्हें समझाया कि पालतू पशुओं को सड़कों पर छोड़ने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि शहर में निराश्रित पशुओं की समस्या लगातार गंभीर हो रही है। सड़कों पर घूमते पशुओं के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ये पशु अचानक सड़क पर आ जाने से हादसे भी हो चुके हैं।
सफाई निरीक्षक रमनदीप कौर ने जानकारी दी कि इससे पहले भी नगर परिषद ने पशुपालकों को दो बार नोटिस जारी कर पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब परिषद ने सख्त रुख अपनाया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि पशुपालक इन निर्देशों की अनदेखी करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाने सहित अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।
नगर परिषद ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। परिषद ने कहा है कि यदि कोई पशुपालक अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ता है, तो इसकी सूचना परिषद को दी जाए।
परिषद का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से शहर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। नगर परिषद ने सड़कों पर निराश्रित पशुओं की बढ़ती समस्या पर सख्ती शुरू कर दी है। जिला कलेक्टर और नगर परिषद आयुक्त के निर्देशों पर शनिवार को एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान पशुपालकों को सड़कों पर पशु नहीं छोड़ने की चेतावनी दी गई।
अभियान के तहत सफाई निरीक्षक रमनदीप कौर के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर पशुपालकों से संपर्क किया। टीम ने उन्हें समझाया कि पालतू पशुओं को सड़कों पर छोहनुमानगढ़ नगर परिषद ने सड़कों पर निराश्रित पशुओं की बढ़ती समस्या पर सख्ती शुरू कर दी है। जिला कलेक्टर और नगर परिषद आयुक्त के निर्देशों पर शनिवार को एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान पशुपालकों को सड़कों पर पशु नहीं छोड़ने की चेतावनी दी गई।
अभियान के तहत सफाई निरीक्षक रमनदीप कौर के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर पशुपालकों से संपर्क किया। टीम ने उन्हें समझाया कि पालतू पशुओं को सड़कों पर छोड़ने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि शहर में निराश्रित पशुओं की समस्या लगातार गंभीर हो रही है। सड़कों पर घूमते पशुओं के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ये पशु अचानक सड़क पर आ जाने से हादसे भी हो चुके हैं।
सफाई निरीक्षक रमनदीप कौर ने जानकारी दी कि इससे पहले भी नगर परिषद ने पशुपालकों को दो बार नोटिस जारी कर पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब परिषद ने सख्त रुख अपनाया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि पशुपालक इन निर्देशों की अनदेखी करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाने सहित अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।
नगर परिषद ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। परिषद ने कहा है कि यदि कोई पशुपालक अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ता है, तो इसकी सूचना परिषद को दी जाए।
परिषद का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से शहर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।ड़ने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि शहर में निराश्रित पशुओं की समस्या लगातार गंभीर हो रही है। सड़कों पर घूमते पशुओं के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ये पशु अचानक सड़क पर आ जाने से हादसे भी हो चुके हैं।
सफाई निरीक्षक रमनदीप कौर ने जानकारी दी कि इससे पहले भी नगर परिषद ने पशुपालकों को दो बार नोटिस जारी कर पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब परिषद ने सख्त रुख अपनाया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि पशुपालक इन निर्देशों की अनदेखी करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाने सहित अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।
नगर परिषद ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। परिषद ने कहा है कि यदि कोई पशुपालक अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ता है, तो इसकी सूचना परिषद को दी जाए।
परिषद का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से शहर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। नगर परिषद ने सड़कों पर निराश्रित पशुओं की बढ़ती समस्या पर सख्ती शुरू कर दी है। जिला कलेक्टर और नगर परिषद आयुक्त के निर्देशों पर शनिवार को एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान पशुपालकों को सड़कों पर पशु नहीं छोड़ने की चेतावनी दी गई।
अभियान के तहत सफाई निरीक्षक रमनदीप कौर के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर पशुपालकों से संपर्क किया। टीम ने उन्हें समझाया कि पालतू पशुओं को सड़कों पर छोड़ने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि शहर में निराश्रित पशुओं की समस्या लगातार गंभीर हो रही है। सड़कों पर घूमते पशुओं के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ये पशु अचानक सड़क पर आ जाने से हादसे भी हो चुके हैं।
सफाई निरीक्षक रमनदीप कौर ने जानकारी दी कि इससे पहले भी नगर परिषद ने पशुपालकों को दो बार नोटिस जारी कर पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब परिषद ने सख्त रुख अपनाया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि पशुपालक इन निर्देशों की अनदेखी करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाने सहित अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।
नगर परिषद ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। परिषद ने कहा है कि यदि कोई पशुपालक अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ता है, तो इसकी सूचना परिषद को दी जाए।
परिषद का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से शहर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
