
हनुमानगढ़| राजस्थान साहित्य परिषद के सौजन्य से वरिष्ठ बाल साहित्यकार दीनदयाल शर्मा की सद्य प्रकाशित बाल पुस्तक ‘पंछियों के बाल गीत’ का लोकार्पण सूरतगढ़ में सादे समारोह में हुआ। मुख्य अतिथि वरिष्ठ शायर राजेश चड्ढा ने कहा कि वही बाल साहित्य श्रेष्ठ है जो बच्चों के भीतर जिज्ञासा और करुणा को जीवित रखता है।
आकाशवाणी सूरतगढ़ के कार्यक्रम अधिकारी नवीन सिसोदिया ने कहा कि बाल पुस्तक बच्चों के लिए सुंदर और ज्ञानवर्धक पुस्तक है। इसमें विभिन्न भारतीय पक्षियों पर सरल, मधुर और रोचक गीत प्रस्तुत किए गए हैं। श्रीगंगानगर के वरिष्ठ गीतकार एवं कवि डॉ.संदेश त्यागी ने कहा कि यह संग्रह बच्चों को प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण प्रेम के प्रति जागरूक करने तथा परंपराओं को जीवित रखने के लिए प्रेरित करने का सार्थक प्रयास है।
मेजर डॉ. अरुण शहरिया ‘ताइर’ ने कहा कि कलम से निकला हुआ यह एक और कीमती नगीना है। डॉ. प्रेम भटनेरी ने कहा कि बच्चे इस किताब को जरूर पढ़ें। शायर सुरेन्द्र सत्यम ने कहा कि बाल गीत अक्सर पक्षियों की भावनाओं और उनके जीवन को चित्रित करते हैं। भादरा के वरिष्ठ शायर पवन शर्मा ने कहा कि पक्षियों के प्रति बच्चों में संवेदना जागृत करने में यह पुस्तक अपनी अहम भूमिका अदा करेगी। अंत में दीनदयाल शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
