
हनुमानगढ़। गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए सरकार ने इस बार नियम जटिल कर दिए हैं। अब किसानों को एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद इनको स्लॉट बुक करना होगा कि वे गेहूं किस दिन लेकर आएंगे। इसके लिए 12 दिन की अवधि तय की गई है। अगर निर्धारित अवधि में किसान गेहूं नहीं लाए तो फिर उनको दुबारा स्लॉट बुक करवाना होगा। बड़ी बात यह है कि हजारों किसान अब तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। स्लॉट की बुकिंग रजिस्ट्रेशन के बाद होती है। अब तक स्लॉट बुक करने के लिए पोर्टल भी सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाया है।
पहली बार लागू की गई स्लॉट व्यवस्था को लेकर न तो कोई प्रचार-प्रसार किया गया है और न ही किसानों को इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। ऐसे में जब मंडियों में आवक बढ़ेगी तो व्यवस्था चरमराने की आशंका है। साथ ही किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा जो किसान मंडी में गेहूं लेकर आएंगे उनका बायोमैट्रिक सत्यापन होगा। नियमों की सख्ती के कारण किसानों को उपज बेचने में परेशानी होगी। नई व्यवस्था का किसान संगठनों द्वारा विरोध भी किया जा रहा है।
जिले में इस बार सरकार 7 लाख 95 हजार 800 मीट्रिक टन गेहूं सरकार समर्थन मूल्य 2735 रुपए (150 रुपए बोनस सहित) प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। इसके लिए 66 केंद्र स्थापित किए गए हैं। मुख्य मंडियों में एक से अधिक एजेंसियों को भी खरीद के लिए अधिकृत किया गया है। कृषि विपणन विभाग की ओर से जहां एक से अधिक एजेंसी खरीद के लिए अधिकृत है, वहां पर ब्लॉकवार लॉटरी निकाली गई है।
प्रत्येक एजेंसी को खरीद लक्ष्य आबंटित किया गया है। खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1 फरवरी से जारी है। किसान संबंधित सेंटर पर पंजीयन करवा रहे हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होने के बाद गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक करवाना होगा। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दौरान सरकार ने पहली बार जन आधार के माध्यम से बायोमैट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता भी लागू की है। किसान जब केंद्र पर गेहूं बेचने पहुंचेंगे तो उनका बायोमैट्रिक सत्यापन होगा।
