
हनुमानगढ़। जिला हनुमानगढ़ के गौशाला संचालकों ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी शर्मा को तहसील अध्यक्ष राजेन्द्र गोदारा के नेतृत्व में एक ज्ञापन भेजा। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर महोदय के माध्यम से प्रेषित किया गया और इसमें जिला हनुमानगढ़ की गौशालाओं को मिलने वाले अनुदान के वितरण में हो रही अनावश्यक देरी पर चिंता जताई गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि गौशालाएँ भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावना के अभिन्न अंग हैं और गाय माता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिला हनुमानगढ़ की कई गौशालाएँ इस महान कार्य में निरंतर लगी हुई हैं, लेकिन सरकारी अनुदान एक महत्वपूर्ण आधार है जो इन्हें सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।
गौशाला संचालकों ने ज्ञापन में यह स्पष्ट किया कि वर्ष 2025-26 के प्रथम चरण के अनुदान के बिल कोषालय द्वारा तो पारित किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक गौशालाओं के खातों में ECS (Electronic Clearing System) के माध्यम से भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। इस विलंब के कारण, गौशालाओं को चारा, पानी और अन्य आवश्यक दैनिक आवश्यकताओं के लिए धन की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में गौशाला संचालकों ने यह भी बताया कि समय पर अनुदान न मिलने की वजह से गौशालाओं की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। गौ संचालकों और कर्मचारियों को भारी मानसिक और आर्थिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।
इस गंभीर स्थिति के कारण, जिला गौशाला संचालकों में गहरा रोष और असंतोष व्याप्त है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अनुदान राशि नहीं मिली, तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
गौशाला संचालकों ने मुख्यमंत्री से विनम्रतापूर्वक निवेदन किया कि कृपया जिला हनुमानगढ़ की गौशालाओं को देय अनुदान के वितरण में तेज़ी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें। उन्होंने अनुरोध किया कि अनुदान राशि जल्द से जल्द गौशालाओं के खातों में प्रदान की जाए, ताकि वे अपनी दैनिक ज़रूरतों को पूरा कर सकें और गौ सेवा का महान कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके।
इसके साथ ही, उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि भविष्य में गौशालाओं को अनुदान वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध प्रणाली लागू करने पर विचार किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष बजरंग सिंह शेखावत, तहसील अध्यक्ष राजेन्द्र गोदारा, प्रदेश सचिव बंशीलाल व्यास, विजय गोयल, अजय गर्ग, राजेंद्र गोदारा, जयचंद धनेरिया, रामकुमार गोदारा, लाभचंद,रामदेव पूनिया, महेंद्र देग, तेजपाल पूनिया सरवण सहारण, भंवर सिंह शेखावत, दयाराम डोटासरा, ओमप्रकाश ज्याणी, सुरेंद्र खिलेरी, पृथ्वीराज बुडानिया, और विभिन्न गौशालाओं के पदाधिकारी गौ भक्त उपस्थित थे।
