
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 954 (बनवाला से कोहला) के प्रस्तावित एलाइनमेंट को लेकर क्षेत्र के काश्तकारों में असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। ग्राम पक्कासहारणा सहित 24 एवं 26 एलएलडब्ल्यू क्षेत्र के काश्तकारों ने सहायक कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारी को आपत्ति पत्र सौंपकर किलोमीटर 41.300 से 42.300 तक प्रस्तावित एलाइनमेंट में बदलाव की मांग की है।
काश्तकारों ने बताया कि प्रस्तावित एलाइनमेंट गांव की आबादी के अत्यंत समीप से गुजर रहा है, जिससे भविष्य में यह मार्ग पूरी तरह आबादी के बीच आ जाएगा। उनका कहना है कि बाईपास का मूल उद्देश्य ही शहर या गांव की आबादी से यातायात को दूर रखना होता है, लेकिन वर्तमान प्रस्ताव इस उद्देश्य के विपरीत है।
किसानों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रस्तावित मार्ग 24 एलएलडब्ल्यू-बी एवं 26 एलएलडब्ल्यू-बी क्षेत्र के पास से गुजर रहा है, जहां पहले से ही सड़क मार्ग उपलब्ध हैं। उन्होंने इसे संसाधनों का दुरुपयोग बताते हुए कहा कि एक ही क्षेत्र में तीन-तीन मार्ग विकसित करना व्यावहारिक नहीं है। साथ ही यह भी बताया कि वर्तमान एलाइनमेंट से हनुमानगढ़ जाने की दूरी लगभग 9 किलोमीटर बढ़ जाएगी, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ेगी।
किसानों ने कहा कि प्रस्तावित मार्ग के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण होगा, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होगा। कई किसानों के भूमि हीन होने की आशंका जताई गई है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि खेतों के बीच हाईवे बनने से खेती कार्य में बाधा आएगी और सिंचाई तथा आवागमन की सुविधाएं भी प्रभावित होंगी।
किसानों ने यह भी कहा कि आबादी के निकट हाईवे बनने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ेगी, जिससे विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसके अलावा प्रदूषण, शोर और सामाजिक असुविधाओं में भी वृद्धि होगी। भविष्य में सड़क के चौड़ीकरण और क्षेत्रीय विकास में भी बाधाएं उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
काश्तकारों ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3-सी के तहत अपनी आपत्तियां प्रस्तुत करते हुए मांग की है कि प्रस्तावित एलाइनमेंट का पुनः परीक्षण कराया जाए और इसे गांव की आबादी से पर्याप्त दूरी पर किसी वैकल्पिक दिशा में परिवर्तित किया जाए। साथ ही उन्होंने अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान करने का भी आग्रह किया है।
मनजीत सिंह, गुरचरण सिंह, प्रमोद सहारण, जस नागपाल, बलतेज सिंह, गुरदयाल सिंह, जरनैल सिंह, दलबारा सिंह, अमन जैन, गुरराज सिंह, पृथ्वी सिंह, बिन्द्र सिंह सहित क्षेत्र के अनेक काश्तकारों ने संयुक्त रूप से प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई है।
