
हनुमानगढ़। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन अब तेज होता नजर आ रहा है। जिला मुख्यालय पर बुधवार को हनुमानगढ़ डिपो में राजस्थान फेडरेशन (भारतीय मजदूर संघ) के बैनर तले एक गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष लीलाधर माहर ने की, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह निहाल एवं ऑल इंडिया मीडिया प्रभारी महेन्द्र प्रताप सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रोडवेज एवं राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे गलत निर्णयों के विरोध में अब निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है। उन्होंने घोषणा की कि भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के नेतृत्व में 20 अप्रैल से जयपुर स्थित रोडवेज मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके बाद 27 अप्रैल से क्रमिक आमरण भूख हड़ताल भी प्रारंभ की जाएगी।
संभागीय अध्यक्ष सुरेन्द्र करीर ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर सरकार एवं निगम प्रबंधन को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। वर्ष 2024 में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द्र बैरवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में 14 बिंदुओं पर सहमति बनने के बावजूद उनकी पालना नहीं होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इसी कारण कर्मचारियों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
गेट मीटिंग में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बढ़ते गतिरोध का असर रोडवेज संचालन पर भी पड़ रहा है, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बैठक में संभागीय अध्यक्ष सुरेन्द्र करीर, शाखा अध्यक्ष गुरलाल सिंह, सचिव केसर सिंह, प्रचार मंत्री बलबीर सिंह, संभाग कार्यकारिणी अध्यक्ष अवतार सिंह सहित राजा सिंह, सोनू, अरविन्द सैनी, जलंधर सिंह, कश्मीर सिंह, रामचन्द्र, सतपाल और हरबंश सिंह समेत अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुटता दिखाते हुए आगामी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
कर्मचारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि जयपुर में होने वाले धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल में हनुमानगढ़ डिपो से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होंगे। नेताओं ने सभी कर्मचारियों से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों द्वारा वेतन भुगतान, पदोन्नति, भर्ती, कार्य परिस्थितियों में सुधार और अन्य कई मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है।
