
हनुमानगढ़। टाउन के निकट स्थित गांव कोहला में राष्ट्रीय राजमार्ग 954 के निर्माण को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होते ही विवाद गहरा गया है। यह सड़क गंगानगर के साधुवाली से बनवाला से कोहला तक प्रस्तावित है, लेकिन इसके वर्तमान स्वरूप और मार्ग परिवर्तन को लेकर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भारी नाराजगी है। प्रभावित लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा पहले इस सड़क को बाईपास से जोड़ने का प्रस्ताव था, लेकिन अब इसे गांव कोहला के नगर परिषद क्षेत्र से होकर मेगा हाईवे से जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय आबादी और व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले जारी अधिसूचना के नक्शे के अनुसार कई लोगों ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण किया था। अब दूसरी अधिसूचना के तहत बदले हुए नक्शे में सड़क को गांव के बीचों-बीच से निकाला जा रहा है, जिससे उन प्रतिष्ठानों को हटाने की स्थिति बन गई है। इससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह पूरा क्षेत्र अब नगर परिषद की सीमा में आ चुका है, ऐसे में शहरी क्षेत्र के बीच से हाईवे निकालना अव्यावहारिक और नुकसानदेह है।
इसी मुद्दे को लेकर गांव कोहला के कई व्यापारी और नागरिक आज जयपुर में हनुमानगढ़ जिला प्रभारी सुमित गोदारा से मिले। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी दी और मांग की कि नेशनल हाईवे को शहरी सीमा से बाहर निकाला जाए। व्यापारियों ने बताया कि इस हाईवे की जद में कोहला के कई वार्ड आ रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में दुकानें, मकान और अन्य निर्माण प्रभावित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अधिसूचना जारी करते समय जो नक्शा दिखाया गया था, वह अलग था, लेकिन अब बिना पर्याप्त जनसुनवाई के मार्ग बदल दिया गया है।प्रभारी मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस मामले में केंद्र सरकार से बातचीत की जाएगी और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने का प्रयास होगा। इस शिष्टमंडल में बदरुद्दीन, बंता सिंह, पूर्व सरपंच इंद्राज शर्मा, महक गर्ग सहित अन्य व्यापारी और नागरिक शामिल रहे।
