
हनुमानगढ़। जिले में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की मर्यादा उल्लंघन के आरोपों को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में आज “एक नूर खालसा फौज (राज इकाई)” के जिलाध्यक्ष लखविंदर सिंघ डबली व प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप सिंघ हनुमानगढ़ ने प्रेस वार्ता आयोजित कर पूरे घटनाक्रम को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण समाज में रोष व्याप्त है।
प्रेस वार्ता के दौरान कुलदीप सिंघ हनुमानगढ़ ने बताया कि 19 मार्च को प्रशासन को सभी तथ्यों सहित शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद 22 मार्च को विरोध जताने पर प्रशासन ने टेबल टॉक कर आश्वासन दिया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा विभिन्न स्थानों से लाए गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को धार्मिक मर्यादा के अनुसार उनके मूल स्थानों पर वापस स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस सहमति का पूर्ण पालन नहीं किया गया। स्थानीय गुरुद्वारा कमेटी से लाया गया स्वरूप तो वापस स्थापित कर दिया गया, लेकिन पीलीबंगा से लाए गए स्वरूप को वापस नहीं किया गया। इसके विपरीत, 26 मार्च को उस स्वरूप के साथ सहज पाठ शुरू कर दिया गया, जो धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध है।
कुलदीप सिंघ हनुमानगढ़ ने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति द्वारा अपना लेटरपैड तैयार कर प्रशासन में वितरित किया गया, जिससे यह संदेश गया कि उसे प्रशासनिक समर्थन प्राप्त है। उन्होंने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन हैं, बल्कि सिख समुदाय की भावनाओं को भी आहत करती हैं।
प्रेस वार्ता के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के अनुरूप धार्मिक मर्यादा का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
संगठन ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि अफवाहों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि कहीं किसी स्तर पर अनुचित संरक्षण तो नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो समाज को आगे की रणनीति बनाने पर मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गी गुरप्रीत सिंह पीलीबंगा चंचल सिंह सोनू सिंह गुरजंट सिंह 6 एसटीजी मौजूद थे।
