
हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत कुलचन्द्र के चक 602 आरडी (आईजीएनपी) के खाले को जर्जर घोषित कर पुनः निर्माण करवाने की मांग को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इस संबंध में किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है।
किसानों ने बताया कि चक 602 आरडी के खाले का निर्माण मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2015-16 में करवाया गया था। निर्माण के कुछ समय बाद ही यह खाला क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते पिछले करीब 10 वर्षों से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। खाले की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र की कृषि व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में किसानों ने उल्लेख किया कि इस समस्या के समाधान के लिए वे कई बार संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। बावजूद इसके, आज तक किसी भी सक्षम अधिकारी द्वारा खाले को जर्जर घोषित नहीं किया गया है। किसानों का आरोप है कि हर बार अधिकारी किसी न किसी बहाने से उन्हें टाल देते हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खाले को शीघ्र जर्जर घोषित कर उसके मलबे की नीलामी करवाई जाए तथा नए सिरे से खाले का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के तहत खालों के निर्माण के लिए हनुमानगढ़ जिले को बजट आवंटित किया गया है, जिसका लाभ इस क्षेत्र के किसानों को भी मिलना चाहिए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे 6 अप्रैल 2026 को कुलचन्द्र में धरना देंगे। साथ ही, कुलचन्द्र से गुजरने वाली हरियाणा संपर्क सड़क को जाम करने जैसे कड़े कदम उठाने के लिए भी बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने वालों में मनोज कुमार नेहरा, रघुवीर डूडी, कृष्ण डूडी, अभिमन्यु झोरड़, सुरेंद्र सहारण, इंदरजीत ऐचरा, मुकेश भोभिया, विनोद निमीवाल, विजय भाम्भू और सूरजभान नेहरा सहित कई किसान शामिल हैं।
