
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-954 के निर्माण के तहत अधिग्रहित की जा रही कृषि भूमि के मुआवजे को लेकर चक 16 एचएमएच (कोहला) के किसानों ने अपनी मांग तेज कर दी है। भाजपा नेता अमित चौधरी के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर हनुमानगढ़ को ज्ञापन सौंपकर नगरपरिषद क्षेत्र एवं नई डीएलसी दरों के अनुसार मुआवजा दिलवाने की मांग की।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि तहसील हनुमानगढ़ के गांव कोहला से साधुवाली (श्रीगंगानगर) तक राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-954 का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत चक 16 एचएमएच (कोहला) की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि संबंधित क्षेत्र को अब नगरपरिषद क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है, जिससे भूमि की प्रकृति एवं उसकी कीमत में परिवर्तन हो चुका है।
किसानों ने मांग की है कि चक 16 एचएमएच (कोहला) की डीएलसी दरों को शहरी क्षेत्र के अनुरूप निर्धारित किया जाए, ताकि भूमि मालिकों को उचित मुआवजा मिल सके। उनका कहना है कि वर्तमान में प्रस्तावित मुआवजा दरें वास्तविक बाजार मूल्य और क्षेत्र की स्थिति के अनुरूप नहीं हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य सरकार की अधिसूचना संख्या 24/521 दिनांक 10 जनवरी 2025 तथा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली की अधिसूचना दिनांक 23 मार्च 2026 (क्रमांक का. आ. 1504-ई) के प्रावधानों के तहत किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों ने प्रशासन से इन अधिसूचनाओं के अनुरूप कार्रवाई करते हुए मुआवजा राशि नगरपरिषद क्षेत्र एवं नई डीएलसी दरों के अनुसार निर्धारित करने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि भूमि का अधिग्रहण शहरी क्षेत्र में किया जा रहा है, तो मुआवजा भी उसी आधार पर दिया जाना चाहिए, ताकि किसानों के साथ न्याय हो सके। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
ज्ञापन देने वालों में कृष्ण ज्याणी, लेखराम जोशी, पवन छिम्पा, हरदेव वर्मा, सुरजाराम भादू, हरीश ढाका, धर्मपाल गोदारा, सुरेंद्र ज्याणी, सचिन सिल्लू और बलराम ज्याणी सहित कई किसान शामिल रहे। किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार कर उन्हें उचित मुआवजा दिलाएगा।
