
हनुमानगढ़। जिले के हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी, सास सहित अन्य लोगों पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। प्रार्थी उमेश खीचड़ पुत्र धन्नाराम जाट ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उसकी जान को भी खतरा बना हुआ है।
शिकायत में उमेश खीचड़ ने बताया कि उसकी पत्नी पूनम तथा सास शांति देवी द्वारा उसे मानसिक रूप से परेशान करने के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता है। प्रार्थी के अनुसार उसे जबरन अप्रैल 2023 से जुलाई 2024 तक एक नशा मुक्ति केंद्र में रखा गया, जिससे उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इस संबंध में उसने तरूछाया नशा मुक्ति केंद्र, मकिरोटा (जयपुर) के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवा रखा है।
प्रार्थी ने बताया कि वह लीवर की बीमारी से पीड़ित है और उसे नियमित दवा, विशेष भोजन तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता रहती है। इसके बावजूद उसकी पत्नी और सास उसे उचित इलाज नहीं लेने देतीं और घर में बंद कर मारपीट करना आम बात हो गई है। इतना ही नहीं, प्रार्थी का आरोप है कि उसे उसके स्वयं के खरीदे हुए घर में प्रवेश करने से भी रोका जाता है।
उमेश खीचड़ ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी व सास उसे धमकी देती हैं कि यदि उसने पुलिस या प्रशासन में शिकायत की तो उसे दोबारा नशा मुक्ति केंद्र में भेज दिया जाएगा। इसके अलावा डॉ. सुमेश खीचड़, साहबचन खीचड़ और लोकेश सहारण नामक व्यक्तियों पर भी सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थी का कहना है कि ये लोग प्रभावशाली होने के कारण उसे सरकारी अस्पताल में भी समुचित इलाज नहीं लेने दे रहे हैं।
शिकायत में प्रार्थी ने आशंका जताई है कि उसके साथ किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घट सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी उसकी पत्नी पूनम, सास शांति देवी सहित संबंधित व्यक्तियों एवं प्रशासन की होगी।
प्रार्थी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए जाएं, ताकि उसे न्याय मिल सके और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
