
हनुमानगढ़। इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) हनुमानगढ़ केंद्र द्वारा श्री श्री सीताराम लक्ष्मण हनुमान मंदिर की प्रथम वर्षगांठ महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में हुआ। टाउन जंक्शन रोड स्थित इस्कॉन केंद्र में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन हनुमान जी के जन्म की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
आयोजन के प्रथम दिन शाम को कीर्तन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके पश्चात आयोजित श्रीराम कथा के अंतर्गत कथावाचक द्वारा भगवान हनुमान के जन्म से जुड़ी पौराणिक कथा का अत्यंत रोचक और भावपूर्ण शैली में वर्णन किया गया। कथा में बताया गया कि किस प्रकार माता अंजना और केसरी के यहां पवन देव के आशीर्वाद से हनुमान जी का जन्म हुआ। उनके बाल्यकाल की अद्भुत लीलाओं, सूर्य को फल समझकर निगलने की घटना और उनकी असाधारण शक्ति एवं भक्ति का भी विस्तार से वर्णन किया गया।
कथावाचक ने हनुमान जी के जीवन से मिलने वाले संदेशों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे शक्ति, भक्ति और निष्ठा के प्रतीक हैं। उनके जीवन से हमें सेवा, समर्पण और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और “जय श्रीराम” तथा “जय हनुमान” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम में सुंदर झांकियों की प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें हनुमान जी के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में दर्शाया गया। इन झांकियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम का समापन आरती और महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
आयोजन समिति सचिव मधुसूदन शर्मा ने बताया कि 27 मार्च से प्रारंभ हुआ सप्त दिवसीय महायज्ञ भी अपने समापन की ओर है, जो विश्व शांति और समाज कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें महा अभिषेक, कीर्तन, भगवान के गुणगान, छप्पन भोग और महाआरती प्रमुख आकर्षण रहे।
