
हनुमानगढ़। जिले के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थलों के विकास को लेकर द ईगल फाउंडेशन के सदस्यों ने अध्यक्ष प्रशांत सोनी के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भटनेर दुर्ग और बड़ोपल क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग उठाई गई।
प्रशांत सोनी ने बताया कि भटनेर दुर्ग, जिसका निर्माण लगभग 295 ईस्वी में हुआ था, हनुमानगढ़ की ऐतिहासिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। यह किला घग्गर नदी के किनारे स्थित है और अपने समृद्ध इतिहास के कारण पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकता है। हालांकि वर्तमान में यह किला जर्जर अवस्था में है और पर्याप्त देखरेख के अभाव में इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
उन्होंने बताया कि यदि पर्यटन विभाग द्वारा इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, तो इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। किले में बुनियादी सुविधाओं जैसे कैंटीन, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके।
इसके साथ ही ज्ञापन में बड़ोपल वन क्षेत्र के विकास पर भी जोर दिया गया। प्रशांत सोनी ने बताया कि बड़ोपल क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। यहां स्थित झीलें और हरियाली इसे एक संभावित इको-टूरिज्म स्थल बनाती हैं। यदि इस क्षेत्र का सुनियोजित विकास किया जाए, तो यह पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
फाउंडेशन के सदस्यों ने सुझाव दिया कि बड़ोपल क्षेत्र में पक्षी अवलोकन (बर्ड वॉचिंग) के लिए विशेष व्यवस्था, ट्रैकिंग पथ, सूचना केंद्र और पर्यावरण संरक्षण के उपाय किए जाएं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इन दोनों स्थलों के विकास से हनुमानगढ़ जिले को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिल सकती है। द ईगल फाउंडेशन ने राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई करते हुए इन महत्वपूर्ण स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
इस मौके पर प्रशांत सोनी , एडवोकेट यादविंदर सिंह सेखों , एडवोकेट गुरप्रीत पाल सिंह , नासिर मलिक , अश्विनी सोनी मौजूद थे।
