
हनुमानगढ़। अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा गेहूं खरीद सहित विभिन्न मांगों को लेकर कृषि उपज मंडी समिति में सोमवार को अधिकारियों के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में किसानों की प्रमुख मांगों स्लॉट सिस्टम समाप्त करने और बारदाने की समुचित व्यवस्थाकृपर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ गया है।
किसान सभा के तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, प्रतिनिधि रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, शेर सिंह शाक्य, सुल्तान खान, सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह, बहादुर सिंह चौहान सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सचिव कृषि उपज मंडी समिति को सौंपे ज्ञापन में बताया कि इस बार मौसम की मार के कारण फसलें पहले ही प्रभावित हैं। ऐसे में सरकार द्वारा खरीद प्रक्रिया में अनावश्यक शर्तें लागू करना किसानों के लिए और अधिक परेशानी खड़ी कर रहा है। किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के चलते उनकी फसल समय पर नहीं बिक पाएगी और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
वार्ता के दौरान सचिव विष्णुदत्त शर्मा, सचिव सीएल वर्मा, जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) सुनील घोडेला तथा एफसीआई प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसान नेताओं ने जोर देकर कहा कि यदि समय रहते बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई और स्लॉट व बायोमेट्रिक सिस्टम को समाप्त नहीं किया गया, तो मंडियों में अव्यवस्था बढ़ेगी और किसानों को भारी नुकसान होगा।
किसान सभा ने अपनी प्रमुख मांगों में तत्काल प्रभाव से बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पिछले वर्ष की तरह बिना स्लॉट और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के फसलों की खरीद शुरू करने की मांग रखी। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी फसल खराब होने का खतरा बना रहता है।
तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि वार्ता के दौरान अधिकारियों को किसानों की समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान के प्रति कोई सकारात्मक पहल नहीं दिखाई दी। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही मांगों पर अमल नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि 9 अप्रैल को हजारों किसान और मजदूर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी, क्योंकि किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। किसान सभा ने प्रशासन से अपील की है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तुरंत निर्णय लिया जाए, ताकि गेहूं सहित अन्य फसलों की खरीद सुचारू रूप से हो सके और किसानों को राहत मिल सके।
