
हनुमानगढ़। टाउन स्थित गुरूतेग बहादुर पब्लिक स्कूल में सोमवार को वैसाखी का पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ की गई। विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चे पारंपरिक किसानों की वेशभूषा पहनकर पहुंचे, जिससे पूरा वातावरण ग्रामीण संस्कृति और परंपरा से सराबोर हो गया। बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में पंजाबी लोक जीवन की झलक प्रस्तुत की। इसके बाद विद्यार्थियों ने वैसाखी से जुड़े पारंपरिक गीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें भांगड़ा और गिद्धा जैसे लोकनृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने अभिभावकों और शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का उत्साह और आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था। शिक्षकों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें इस तरह के आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के संस्थापक बलकरण सिंह ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वैसाखी पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वैसाखी न केवल फसल कटाई का पर्व है, बल्कि यह सिख धर्म के इतिहास में भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने बच्चों को बताया कि यह दिन मेहनत, समर्पण और खुशियों का प्रतीक है तथा हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों को अपनी परंपराओं और संस्कृति के बारे में जानने का अवसर मिलता है, जिससे उनमें नैतिक मूल्यों का विकास होता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागी बच्चों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समापन पर सभी विद्यार्थियों में मिठाई वितरित की गई, जिससे बच्चों की खुशी और भी बढ़ गई। इस आयोजन ने विद्यालय में एक सकारात्मक और उत्सवपूर्ण वातावरण का निर्माण किया।
